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क्या गर्मियों में बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा? एक्सपर्ट से जानें

स्किन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा के सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगते हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें मानी जाती हैं, जो त्वचा की गहराई तक जाकर नुकसान पहुंचाती हैं. इसके अलावा लंबे समय तक धूप में रहना, बार-बार सनबर्न होना, हल्की त्वचा का होना और सुरक्षा के बिना बाहर निकलना भी इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं.

क्या गर्मियों में बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा? एक्सपर्ट से जानें
क्या गर्मियों में बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा? एक्सपर्ट से जानें

गर्मियों में धूप अधिक तेज होती है और UV किरणों का असर भी ज्यादा होता है, ऐसे में का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि यह केवल गर्मियों तक सीमित नहीं है, लेकिन इस मौसम में जोखिम अधिक हो जाता है. अक्सर लोग धूप से बचाव को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे त्वचा को लगातार नुकसान पहुंचता रहता है. इसलिए इस विषय को समझना और समय रहते सतर्क होना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि गर्मियों में स्किन कैंसर का खतरा क्यों बढ़ जाता है.

गर्मियों में स्किन कैंसर का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

मैक्स हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या सचदेवा बताती हैं कि गर्मियों में सूरज की किरणें सीधे और अधिक तीव्रता के साथ धरती पर पड़ती हैं, जिससे UV रेडिएशन का स्तर बढ़ जाता है. बार-बार धूप में रहने से त्वचा के सेल्स डैमेज होने लगते हैं, जो समय के साथ कैंसर का रूप ले सकते हैं. खासकर दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा हानिकारक होती है. बिना सनस्क्रीन, टोपी या अन्य सुरक्षा के बाहर निकलना जोखिम को और बढ़ा देता है.

इसके अलावा, गर्मियों में पसीना और धूल-मिट्टी भी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे स्किन ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है. लगातार धूप के संपर्क में रहने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर पड़ने लगती है. जिन लोगों की त्वचा हल्की होती है या जो लंबे समय तक बाहर काम करते हैं, उनमें यह खतरा और अधिक बढ़ सकता है. लंबे समय तक यह एक्सपोजर त्वचा की सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे स्किन कैंसर का खतरा अधिक हो जाता है.

क्या हैं लक्षण?

स्किन कैंसर के लक्षण शुरुआत में बहुत हल्के हो सकते हैं, इसलिए उन्हें पहचानना जरूरी है. त्वचा पर नया तिल या दाग बनना, पुराने तिल का आकार या रंग बदलना, घाव का जल्दी ठीक न होना, खुजली या जलन महसूस होना इसके संकेत हो सकते हैं.

कुछ मामलों में त्वचा पर लाल, भूरे या काले रंग के असामान्य पैच भी दिख सकते हैं. अगर ऐसे कोई बदलाव लंबे समय तक बने रहें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

कैसे करें बचाव?

स्किन कैंसर से बचाव के लिए धूप से सुरक्षा सबसे जरूरी है. बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का उपयोग करें, फुल स्लीव कपड़े पहनें और टोपी या छाता साथ रखें. तेज धूप के समय बाहर जाने से बचें और त्वचा को साफ व हाइड्रेटेड रखें. नियमित रूप से त्वचा की जांच करें और किसी भी असामान्य बदलाव पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

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