आमतौर पर कंपनियां मुनाफे के लिए कर्मचारियों का शोषण करती हैं, लेकिन अमेरिका के लुइसियाना से एक ऐसा दिल जीतने वाला मामला सामने आया है, जहां मालिक ने अपनी कंपनी बेचकर कर्मचारियों को करोड़पति बना दिया। फाइबर बॉन्ड कॉर्प (Fibrebond Corp) के सीईओ ग्राहम वॉकर ने अपनी पारिवारिक कंपनी बेचने के बाद अपने 540 कर्मचारियों के बीच करीब 2 हजार करोड़ रुपये ($240 मिलियन) बांट दिए।

शर्त ने बदली तकदीर
ग्राहम वॉकर ने अपनी कंपनी को ईटन कॉर्पोरेशन को लगभग 16 हजार करोड़ रुपये में बेचा। लेकिन डील फाइनल करने से पहले उन्होंने एक ऐतिहासिक शर्त रखी। शर्त यह थी कि बिक्री से मिलने वाली कुल राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा उन कर्मचारियों में बांटा जाएगा, जिनके पास कंपनी में कोई इक्विटी नहीं है।
हर कर्मचारी को मिले 4-4 करोड़ रुपये
इस दरियादिली का नतीजा यह हुआ कि कंपनी के 540 स्थायी कर्मचारियों में से प्रत्येक को औसतन 4,43,000 डॉलर मिले, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 4-4 करोड़ रुपये होते हैं। जब वॉकर से पूछा गया कि उन्होंने 15% का ही आंकड़ा क्यों चुना, तो उन्होंने सादगी से जवाब दिया, “क्योंकि यह 10% से ज्यादा है।”
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5 साल में किस्तों में दी जाएगी राशि
यह बोनस राशि कर्मचारियों को अगले 5 वर्षों में किस्तों में दी जाएगी। इसके पीछे का उद्देश्य यह है कि अनुभवी कर्मचारी कंपनी के साथ बने रहें। हालांकि, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग कर्मचारियों को इस क्लॉज से छूट दी गई है ताकि वे सम्मान के साथ तुरंत रिटायर होकर अपनी बाकी जिंदगी आराम से बिता सकें।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही घटना
सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और लोग ग्राहम वॉकर को दुनिया का “बेस्ट बॉस” बता रहे हैं। यह मिसाल पेश करती है कि एक अच्छा लीडर वही है जो अपनी सफलता में उन लोगों को भी बराबर का हिस्सेदार बनाए जिन्होंने खून-पसीना बहाकर उस कंपनी को खड़ा किया।





