किडनी स्टोन और यूरिन इंफेक्शन …ये दोनों समस्याएं एकदूसरे से जुड़ी हुई हैं. कई बार यूटीआई अगर किडनी तक पहुंच जाए तो ये स्टोन का कारण बन सकता है. वहीं जब किडनी स्टोन की वजह से यूरिन पास करने में रुकावट आ रही हो तो यूटीआई हो सकता हैं, लेकिन यूटीआई और किडनी स्टोन होने के कई और कारण भी होते हैं. दोनों के लक्षणों में भी लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं. एक्सपर्ट से जान लेते हैं कि इसमें हम कैसे फर्क कर सकते हैं. कौन से संकेत यूटीआई के होते हैं और कौन से किडनी स्टोन के.

किडनी स्टोन होने का कारण मुख्य रूप से हमारी लाइफ स्टाइल खासकर खानपान की आदतों से जुड़ा होता है तो वहीं यूरिन इंफेक्शन ज्यादातर खराब हाइजीन प्रैक्टिस की वजह से होता है. इसका सबसे आम कारण E. coli बैक्टीरिया माना जाता है जो आंतों से मूत्र मार्ग में पहुंचकर संक्रमण को बढ़ाता है. जान लेते हैं इनके अलगअलग लक्षण.
किडनी स्टोन के लक्षण
रेनल साइंस एंड ट्रांसप्लांट मेडिसिन, एकॉर्ड हॉस्पिटल के चेयर मैन, डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि आमतौर पर किडनी स्टोन में जलन के साथसाथ दर्द भी होता है. खासतौर पर तब, जब स्टोन अपनी पोजीशन यानि स्थिति को चेंज कर रहा हो. अगर स्टोन किडनी के अंदर है तो दर्द रीढ़ की हड्डियों के दोनों तरफ होगा, जिसको फ्लैंक बोलते हैं. अगर स्टोन खिसककर नीचे यूरेटर में आ गया और वह धीरेधीरे नीचे की ओर आ रहा है तो यह दर्द पीठ से आगे नाभि से नीचे की ओर आता है. इसे लोइन टू ग्रोइन माइग्रेशन कहा जाता है. अगर किडनी की पथरी यूरेटर के मुंह के पास आ जाए तो फिर पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है और इसी के साथ जलन महसूस होती रहती है. इस तरह से किडनी स्टोन में दर्द का पैटर्न सिचुएशन के हिसाब से होता है.
यूटीआई के लक्षण क्या होते हैं?
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर इंफेक्शन है तो इस मामले में भी जलन इस बात पर निर्भर करती है कि यूरिनरी ट्रैक्ट के किस भाग में तकलीफ है. तो अगर सिर्फ यूरेथ्राइटिस के पास इंफेक्शन है तो पेशाब करने वक्त जलन होती है या नीचे की ओर जलन होने लगती है.
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वहीं अगर यूटीआई इंफेक्शन ऊपर तक चला जाए, यानी पेशाब की थैली में अगर इंफेक्शन है तो पेट के निचले हिस्से में दर्द होगा वहां हाथ लगाने से दुखन होगी. पेशाब में जलन होगी और साथ ही बुखार आएगा. इंफेक्शन किडनी तक चला जाए तो इसको पाइलोनेफ्राइटिस कहा जाता है. उस स्थिति में किडनी एरिया में दर्द होगा. इसी के साथ रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ दर्द और बुखार बहुत तेज आने लगेगा. ये एक बेहद गंभीर स्थिति होती है.
किडनी स्टोन से कैसे बचें?
- रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि मिनरल्स का किडनी में जमाव न हो.
- नमक को सीमित मात्रा में खाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा सोडियम का सेवन किडनी पर दबाव बढ़ाता है.
- अपना वेट कंट्रोल में रखें और सुस्त लाइफ स्टाइल में सुधार लाएं, साथ ही खानपान को संतुलित करें.
- किडनी स्टोन की फैमिली हिस्ट्री रही हो तो हल्के लक्षणों में भी जांच करवाते रहें.
- कुछ दवाएं भी किडनी स्टोन का कारण बन सकती हैं, इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही मेडिसिन लें.
यूटीआई से बचाव
- यूरिन ट्रैक्ट इंफेक्शनसे बचने के लिए भी जरूरी है कि आप पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखें यानी भरपूर पानी पिएं.
- यूरिन पास करने की इच्छा महसूस होने पर तुरंत जाना चाहिए, क्योंकि देर तक टॉयलेट न करने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं.
- टॉयलेट के बाद हमेशा अपने प्राइवेट पार्ट्स की सफाई अच्छे से करना चाहिए और गीलापन न रखें.
- बहुत ज्यादा टाइट अंडरगार्मेंट्स पहनने से बचना चाहिए. कोशिश करें सूती और आरामदायक अंडरगर्मेंट ही पहनें.
- अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए, जैसे प्रोबायटिक फूड को थाली का हिस्सा बनाएं और मसालेदार, कैफीन वाली चीजों से बचें.