Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विकास और विस्तारीकरण योजना को लेकर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप देने और मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाने के उद्देश्य से चल रहे काम के बीच आ रही करीब दो सौ साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह मस्जिद रेलवे की जमीन पर बनी थी और स्टेशन के विस्तारीकरण की जद में आ रही थी.
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इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया. सोमवार रात करीब 11.15 बजे भारी सुरक्षा बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रात 12.15 बजे तक, यानी महज एक घंटे के भीतर मस्जिद को ध्वस्त कर वहां से मलबा भी हटा दिया गया.
कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए मौके पर जॉइंट सीपी शिव हरि मीणा के नेतृत्व में आधा दर्जन आईपीएस अधिकारी, सैकड़ों पुलिसकर्मी और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात थे. सुरक्षा के मद्देनजर मीडिया समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. इस दौरान पांच जेसीबी और दो पोकलैंड मशीनों की मदद से ढांचा ढहाया गया.
अफसरों ने खुद संभाली कमान
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से पहले जेसीपी शिवहरी मीणा ने आला अफसरों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया था. मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर, एसीपी विजय प्रताप और कोतवाली व चेतगंज के एसीपी समेत कई थानों की फोर्स तैनात रही ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े. फिलहाल इस कार्रवाई पर मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
कैसा होगा नया मल्टी-मॉडल हब?
दरअसल, वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को लगभग 330-400 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं वाले मल्टी-मॉडल हब या इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस मेगा प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ट्रेन, बस, मेट्रो और जल परिवहन (वाटर ट्रांसपोर्ट) को एक ही छत के नीचे जोड़ना है, जिससे यात्रियों को सुगम यातायात मिल सके. इसी भव्य प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए इस अतिक्रमण हटाओ अभियान को अंजाम दिया गया है.












