मंगलवार, 21 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में बड़ा बदलाव! चढ़ावे की गिनती में जुटे कर्मियों की छुट्टी, अब नए लोगों की एंट्री​ | भारत के इथेनॉल मिशन पर बड़ा दांव! सरकारी तेल कंपनियों ने खर्च किए ₹1.72 लाख करोड़​ | ‘सपा अपने नाम पर वोट मांगने से कतरा रही…’ ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव के PDA पर हमला​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

एथेनॉल को लेकर आ गई एक ओर बडी खबर, अब यहां भी होगा इस्तेमाल-जानें पूरी खबर​

नई दिल्‍ली. पेट्रोल में E20 मिलावट के बाद, अब खाना पकाने के ईंधन के तौर पर एथेनॉल जल्‍द ही जगह बना सकता है और रसोई गैस की छुट्टी हो सकती है. एथेनॉल को लेकर चल रहे विवाद के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक ऐसी पॉलिसी तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्‍य एथेनॉल को […]

नई दिल्‍ली. पेट्रोल में E20 मिलावट के बाद, अब खाना पकाने के ईंधन के तौर पर एथेनॉल जल्‍द ही जगह बना सकता है और रसोई गैस की छुट्टी हो सकती है. एथेनॉल को लेकर चल रहे विवाद के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक ऐसी पॉलिसी तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्‍य एथेनॉल को घरेलू खाना पकाने के फ्यूल के तौर पर मुख्‍यधारा में लाना है.

वहीं सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह इसकी जांच करेगी और सब्सिडी व्‍यवस्‍था भी लागू कर सकती है. ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समय ईंधन आपूर्तिकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग संघ प्रस्तावित नीति पर सरकार के साथ समानांतर चर्चा कर रहे हैं.

अप्रैल तक तैयार हो सकती है पॉलिसी
रसोई में एथेनॉल की पॉलिसी सितंबर तक तैयार हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एलपीजी पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए खाना पकाने के ईंधन के तौर पर एथेनॉल को उपयोग में लाया जाएगा और आयात बिल को कम किया जाएगा. एक अधिकारी ने कहा कि वैकल्पिक स्वच्छ खाना पकाने की नीति पर काम चल रहा है, जो घरेलू खाना पकाने के ईंधन के रूप में एलपीजी के साथसाथ एथेनॉल को अपनाने में मदद करेगी.

अप्रैल में एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि सरकार के निर्देश के बाद, घरेलू खाना पकाने के लिए एक स्वच्छ विकल्प के रूप में एथेनॉल से चलने वाले खाना पकाने के चूल्हों का परीक्षण किया जा रहा है.

सब्सिडी योजना भी शुरू कर सकती है सरकार
रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि एथेनॉल बेस्‍ड खाना पकाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसी भी तरह की सब्सिडी योजना भी शुरू कर सकती है. भारत द्वारा घरेलू खाना पकाने के ईंधन के रूप में एथेनॉल को बढ़ावा देने का कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब घरेलू एथेनॉल की उपलब्धता में तेजी से वृद्धि हुई है. मई में जारी केयरएज रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की वार्षिक एथेनॉल उत्पादन क्षमता पहले ही 20 अरब लीटर से अधिक हो चुकी है, और चालू वित्त वर्ष के दौरान इसमें अतिरिक्त 4 अरब लीटर की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

इस क्षमता में से, सरकार के E20 एथेनॉल मिलावट के तहत हर साल लगभग 11 अरब लीटर की खपत होती है, जबकि शराब निर्माता, दवा कंपनियां और रसायन उत्पादक मिलकर 33.5 अरब लीटर का उपयोग करते हैं. इससे लगभग 7 अरब लीटर उत्पादन क्षमता अप्रयुक्त रह जाती है. इसके साथ, भारत नेपाल, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे पड़ोसी बाजारों में एथेनॉल निर्यात की संभावनाओं का भी पता लगा सकता है, जहां एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 10% है, लेकिन घरेलू कच्चे माल की उपलब्धता अपर्याप्त बनी हुई है.

तेल कंपनियां भी इस चर्चा में शामिल
ऐसा माना जा रहा है कि तेल विपणन कंपनियां भी इस पहल से संबंधित चर्चाओं में शामिल हैं. उन्होंने एथेनॉल से चलने वाले चूल्हों से संबंधित रिसर्च और विकास कार्य किया है और मौजूदा एथेनॉल बेस खाना पकाने की तकनीकों से जुड़े संभावित अधिग्रहण या साझेदारी की संभावनाओं का पता लगा रही हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY