दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग नई दिल्ली के दौरे पर हैं. आज वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग पहली बार भारत आए हैं. उनके साथ फर्स्ट लेडी किम ही-क्यंग के भी दिल्ली पहुंची हैं. राष्ट्रपति म्युंग और फर्स्ट लेडी किम ही क्यंग की शादी की स्टोरी काफी दिलचस्प है. ये उस समय की बात है जब ली जे-म्युंग अगस्त 1990 में वकील बने थे. उन्होंने उस समय पांच महिलाओं में से एक से शादी करने का फैसला किया. इनमें से एक को चुनने के लिए उन्होंने एक खास तरीका निकाला. म्युंग एक महीने तक सभी से’ब्लाइंड डेट’ पर मिले थे. म्युंग ने उन पांचों में उनकी तीसरी ‘मैच’ को अपनी पत्नी चुना.

कोरिया की नई ‘फर्स्ट लेडी’ का जन्म 1966 में सियोल के मिडिल क्लास परिवार में हुआ था. उन्होंने ‘सुनहवा आर्ट्स हाई स्कूल’ से ग्रेजुएशन किया. ‘सूकम्युंग वीमेंस यूनिवर्सिटी’ में पियानो की पढ़ाई की. ली से उनकी मुलाकात तब हुई, जब वे ऑस्ट्रिया जाकर पढ़ाई करने की तैयारी कर रही थीं. फिर सात महीने बाद, जब उन्होंने ली से शादी कर ली. इसी के साथ उनके 35 साल के राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई.
क्यंग ने पहले किया था विरोध
जब 2000 के दशक की शुरुआत में म्युंग राजनीति में आए, तो क्यंग ने शुरू में इस कदम का विरोध किया. लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने देखा कि वह समुदाय में बदलाव ला रहे हैं और सियोंगनाम के मेयर के तौर पर लोगों का समर्थन जुटा रहे हैं, उनका विरोध समर्थन में बदल गया. 2017 में राष्ट्रपति पद के लिए अपने पहले चुनाव अभियान के समय वो उनके साथ अलग-अलग इलाकों में प्रचार के लिए गईं. यहां तक कि मनोरंजन कार्यक्रमों में भी उनके साथ नजर आईं.
हालांकि, क्यंग को अपने पति के साथ-साथ राजनीतिक विवादों का भी सामना करना पड़ा है. 2018 में उन पर एक सोशल मीडिया अकाउंट चलाने का आरोप लगा था, जिस पर विरोधी राजनेताओं और कुछ खास इलाकों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट की जाती थीं. 2022 में उन पर निजी खर्चों के लिए ग्योंगगी प्रांत की सरकारी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप लगे. इन विवादों की वजह से उन्होंने इस साल के चुनाव प्रचार के दौरान खुद को ज्यादा लाइमलाइट से दूर रखा. वो ज्यादातर मीडिया की नजरों से दूर रहीं और अपने ज्यादातर कार्यक्रम ली से अलग होकर ही पूरे किए.





