भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर बड़ा खुलासा किया है। गंभीर ने बताया कि इस फैसले को लेकर वह खुद काफी असमंजस में थे और चयन के बाद पूरी रात सो नहीं पाए। युवा वैभव को मौका देना आसान नहीं था, क्योंकि टीम में संजू जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद थे।

वैभव को मौका देना आसान फैसला नहीं था
गौतम गंभीर ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने का फैसला काफी सोचविचार के बाद लिया गया। एक तरफ वैभव का आक्रामक अंदाज और हालिया प्रदर्शन था, तो दूसरी तरफ संजू सैमसन का अनुभव था।
गंभीर के मुताबिक, ऐसे फैसले लेते समय सिर्फ नाम या अनुभव नहीं देखा जा सकता। टीम की जरूरत और मुकाबले की परिस्थितियां भी काफी मायने रखती हैं। इसी वजह से वैभव को मौका देने को लेकर उनके मन में भी कई सवाल थे।
संजू जैसे खिलाड़ी को बाहर रखना था मुश्किल
गंभीर ने माना कि संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना किसी भी टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं होता। संजू लंबे समय से भारतीय टीम के आसपास रहे हैं और अपनी बल्लेबाजी से कई बार प्रभाव छोड़ चुके हैं।
वहीं वैभव सूर्यवंशी अभी युवा हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव कम है। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया।
Gambhir ने बताया क्यों चुना युवा सितारा
गौतम गंभीर का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका देने के लिए कभीकभी मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं। वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया है और टीम प्रबंधन उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहता है।
गंभीर ने इस फैसले से जुड़ी अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वह उस रात सो नहीं पाए थे। उनके लिए यह फैसला कितना मुश्किल था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। अब वैभव पर मिले इस भरोसे को प्रदर्शन में बदलने की जिम्मेदारी है।