गुरुवार को बकरीद से पहले पूरे में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, गश्त, यातायात व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती समेत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राजधानी लखनऊ में 1,347 पुलिस और यातायात पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसी की छह कंपनियां, ‘वायरलेस यूनिट’ और ‘एलआईयू’ की टीमें तैनात की गई हैं जिससे कानून व्यवस्था बनाई रखी जा सके।

लखनऊ पुलिस के मुताबिक, गाह ऐशबाग और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षा प्रबंधन के लिए चार जोन में और पांच सेक्टरों में बांटा गया है। टीले वाली मस्जिद, ईदगाह ऐशबाग और बड़ा इमामबाड़ा में असिफी मस्जिद समेत पांच प्रमुख नमाज स्थलों के आसपास विशेष यातायात की योजनाएं तैयार की गई हैं।
पुलिस ने कहा कि भीड़ प्रबंधन और नियमित सुरक्षा के लिए संयुक्त ब्रीफिंग एवं ‘मॉक ड्रिल’ कराई गई है, जबकि प्रमुख मार्गों, चौराहों और धार्मिक स्थलों की चौबीस घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों, एंटी-रोमियो दस्तों और पिंक पेट्रोल टीमों को भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया गया है जिससे छेड़छाड़ की घटनाओं को रोका जा सके और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पांच जोन और 16 सेक्टरों में बांटा गया संभल
संभल जिले को जिला प्रशासन ने पांच जोन और 16 सेक्टरों में बांटा है तथा ड्रोन कैमरों और सोशल मीडिया निगरानी टीमों के जरिए निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा कि 828 मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ी जाएगी तथा साफ सफाई, पेयजल और कुर्बानी के बाद अपशिष्टों के निस्तारण के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि शांति समिति और मोहल्ला स्तर की बैठकें की गई हैं तथा लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज नहीं पढ़ने और निर्धारित स्थानों से बाहर कुर्बानी नहीं देने का निर्देश दिया गया है।
वाराणसी में निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ने की अपील
वाराणसी में जिला अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ने की अपील की है और सड़कों पर नमाज पढ़ने से बचने को कहा है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे शहर की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। आगरा में पुलिस उपायुक्त (नगर) अली अब्बास ने कहा कि शहर को सेक्टरों में बांटा गया है और बकरीद के लिए अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
Khabar Monkey
बकरीद पर कितने बिकते हैं बकरे, आखिर कितना बड़ा है ये बाजार?
भारत में करीब 20 करोड़ मुसलमान बकरीद का त्योहार मनाते हैं। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत में 8 से 10 फीसदी मुस्लिम परिवार जानवरों की कुर्बानी देते हैं। ।





