सोमवार, 2 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
न्यूजीलैंड सीरीज में रोहित शर्मा मचाएंगे तहलका! एक-दो नहीं, 10 बड़े रिकॉर्ड पर हिटमैन की नजर, टूट सकता है इतिहास​ | Diwali Green Patakhe: दिवाली पर 7 और 8 नवंबर को जलेंगे ग्रीन पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने दी परमिशन, जानें पूरी गाइडलाइन​ | क्या B6 वाहनों से पॉल्यूशन नहीं होता, कहां चला जाता है धुआं, कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

आईडीबीआई बैंक के निजीकरण पर कर्मचारियों का बड़ा विरोध​

नई दिल्ली। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ बैंक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार के निजीकरण संबंधी कदमों के विरोध में कर्मचारियों ने 2 और 3 नवंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस आंदोलन को 10,000 से अधिक कर्मचारियों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। […]

नई दिल्ली। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ बैंक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार के निजीकरण संबंधी कदमों के विरोध में कर्मचारियों ने 2 और 3 नवंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस आंदोलन को 10,000 से अधिक कर्मचारियों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि बैंक का निजीकरण केवल एक संस्थान के स्वामित्व में बदलाव का मामला नहीं है, बल्कि इससे बैंकिंग व्यवस्था, कर्मचारियों के भविष्य और आम ग्राहकों के हितों पर भी असर पड़ सकता है। इसी को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार विरोध जता रहे हैं।

नौकरी की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता

कर्मचारियों की प्रमुख चिंताओं में नौकरी की सुरक्षा, सेवा शर्तें, वेतनभत्ते और भविष्य में रोजगार की स्थिरता शामिल हैं। उनका मानना है कि निजीकरण के बाद कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ सकता है और मौजूदा सेवा सुविधाओं में बदलाव की आशंका भी बनी रहेगी।

10 हजार से अधिक कर्मचारियों का समर्थन

इस प्रस्तावित हड़ताल को 10,000 से अधिक कर्मचारियों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। कर्मचारियों की एकजुटता को निजीकरण के खिलाफ बड़े विरोध के रूप में देखा जा रहा है। संगठन इस आंदोलन के माध्यम से सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी मांगें पहुंचाना चाहते हैं।

बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर

2 और 3 नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल के कारण आईडीबीआई बैंक की शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, वास्तविक असर हड़ताल में कर्मचारियों की भागीदारी और बैंक की वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।

अब देखना होगा कि कर्मचारियों के इस विरोध के बाद सरकार और बैंक प्रबंधन निजीकरण के मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने के संकेत दिए हैं।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY