अक्सर समाज में अमीरी को महंगी गाड़ियों, बड़े बंगलों या ब्रांडेड कपड़ों से आंका जाता है. लेकिन असल जिंदगी में आर्थिक सफलता का पैमाना यह दिखावा बिल्कुल नहीं है. सच्चाई यह है कि आपकी वित्तीय स्थिति आपके बैंक बैलेंस के साथ-साथ आपकी रोजमर्रा की आदतों से तय होती है, जिसे दुनिया आसानी से देख नहीं पाती. वेल्थ मैनेजमेंट फर्म ‘आल्प्स वेल्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ ‘आल्प्स ग्लोबल’ के संस्थापक राहुल पटेल के अनुसार, यह जांचने के लिए सिर्फ चार मुख्य संकेतों को देखना काफी है कि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कितना सुरक्षित है. दिलचस्प बात यह है कि देश की लगभग 75 फीसदी आबादी इस बुनियादी टेस्ट में फेल हो जाती है. अगर कोई व्यक्ति इन चार पैमानों को पार कर लेता है, तो उसकी वित्तीय स्थिति ज्यादातर भारतीयों के मुकाबले काफी मजबूत मानी जाएगी.
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मुसीबत में 1 लाख रुपये का टेस्ट
वित्तीय मजबूती का पहला बड़ा सबूत यह है कि आप किसी अचानक आई आर्थिक परेशानी का सामना कितनी शांति से करते हैं. यहां एक लाख रुपये के खर्च का मतलब यह है कि आपके पास तुरंत इस्तेमाल के लिए बैंक खाते में इतना कैश मौजूद हो. इस रकम को जुटाने के लिए आपको अपने गहने, घर या लंबी अवधि का कोई निवेश बेचने की नौबत नहीं आनी चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप बिना किसी मानसिक तनाव के या अपना घरेलू बजट बिगाड़े अचानक आए इतने बड़े खर्च को बर्दाश्त कर लेते हैं, तो आप एक बड़े वर्ग से कहीं आगे निकल चुके हैं.
ज्यादा ब्याज वाले लोन से पूरी तरह आजादी
आर्थिक तरक्की सिर्फ आमदनी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप अपने कर्ज का प्रबंधन कैसे करते हैं. बाजार के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी व्यक्ति को 10 फीसदी से अधिक ब्याज दर वाले कर्ज को लंबे समय तक ढोना नहीं चाहिए. हालांकि, आठ से नौ फीसदी की दर वाला होम लोन एक सुरक्षित श्रेणी में आता है, क्योंकि इसमें टैक्स की छूट भी मिलती है. इसके विपरीत, अगर किसी ने 15 से 18 फीसदी ब्याज पर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का बकाया रोक रखा है, तो यह आपकी जेब को भीतर से खोखला कर रहा है. समझदार लोग हमेशा सबसे पहले ऐसे महंगे कर्ज को चुकाकर खत्म करने पर जोर देते हैं.
हर महीने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा निवेश करना
एक अच्छी आर्थिक राह पर चलने का तीसरा महत्वपूर्ण संकेत आपकी निवेश की आदत है. अगर आप हर महीने अपनी कुल आमदनी का 15 से 20 फीसदी हिस्सा नियमित रूप से भविष्य के लिए सही जगह लगा रहे हैं, तो आप एक सही ट्रैक पर हैं. इस निवेश में पीपीएफ, ईपीएफ, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या एसआईपी जैसी योजनाएं शामिल हैं. हालांकि, इसका पूरा फायदा तभी मिलता है जब यह निवेश बिना किसी रुकावट के लगातार चलता रहे और आप बीच-बीच में इस पैसे को निकालने से बचें. कमाई का यह हिस्सा संपत्ति खड़ी करने के काम आना चाहिए.
‘अमीर दिखने’ की होड़ से खुद को बचाना
हकीकत में अमीर बनने की राह पर चल रहे लोग कभी भी दूसरों की वाहवाही लूटने के लिए पैसा खर्च नहीं करते. उनका ध्यान महंगे गैजेट्स या ब्रांडेड चीजों पर नहीं, बल्कि चुपचाप अपनी संपत्ति बढ़ाने पर केंद्रित होता है. ऐसे लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके पड़ोस में कौन सी नई गाड़ी आई है. वे बहुत ही शांति से अपने परिवार के वास्तविक वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में लगे रहते हैं. वेल्थ क्रिएशन असल में एक बहुत ही शांत प्रक्रिया है, जिसमें कोई शोर-शराबा नहीं होता. यही कारण है कि वास्तव में अमीर होने वाले लोगों की असल संपत्ति का अंदाजा लगाना आम तौर पर बहुत मुश्किल होता है.





