मंगलवार, 22 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
Zinc Health Benefits: शरीर में कम है जिंक, कमी के ये संकेत न करें नजरअंदाज, खाएं ऐसे फूड्स​ | श्रीलंका को 69 रनों पर आलआउट करने के बाद स्मृति, शेफाली और ऋचा को नजरअंदाज कर इन 2 खिलाड़ियों को हरमनप्रीत कौर ने दिया पूरा श्रेय​ | Earbuds छोड़ Wired Earphones और MP3 Player अपना रहे युवा, डिजिटल थकान बनी वजह​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

असम के लोक संगीत से NASA के Cosmic Rhapsody तक, Joi Barua का सुरम्य सफर, जो संगीत को ले गया सितारों के पार​

NASA के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ से जुड़ने से बहुत पहले से ही गायक, गीतकार और संगीतकार जॉय बरुआ अपने संगीत में ब्रह्मांड की विभिन्न ध्वनियों को पिरो रहे थे। चार साल की उम्र में पिता से मिले वायलिन से शुरू हुआ उनका सफर असम के लोक संगीत, भूपेन हजारिका के प्रभाव, बीटल्स, स्टिंग और […]

NASA के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ से जुड़ने से बहुत पहले से ही गायक, गीतकार और संगीतकार जॉय बरुआ अपने संगीत में ब्रह्मांड की विभिन्न ध्वनियों को पिरो रहे थे। चार साल की उम्र में पिता से मिले वायलिन से शुरू हुआ उनका सफर असम के लोक संगीत, भूपेन हजारिका के प्रभाव, बीटल्स, स्टिंग और U2 जैसे वैश्विक दिग्गजों से होता हुआ अब अंतरिक्ष के विशाल कैनवास तक पहुँच गया है।

मरते हुए तारों, तारों की धूल और नई दुनिया की रचना पर आधारित अंतरराष्ट्रीय परफॉर्मिंगआर्ट्स प्रोडक्शन ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ में जॉय बरुआ प्रमुख भारतीय संगीतकार के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं। तो आइए उनके बारे में और जानें।

असम में जन्मे गायक, गीतकार और संगीतकार बरुआ ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ के मुख्य भारतीय कलाकारों में से एक हैं। यह एक इंटरनेशनल परफॉर्मिंगआर्ट्स प्रोडक्शन है, जिसका NASA के कॉम्पटन स्पेक्ट्रोमीटर एंड इमेजर मिशन से एक खास जुड़ाव है। उन्होंने इसके दो मुख्य गानों ‘स्टार अमंग द कॉस्मिक क्लाउड्स’ और ‘कॉन्फेटी स्टॉर्म’ के लिए धुनें तैयार कीं। बाद में, फ्रेंच संगीतकार और अरेंजर मनु मार्टिन के साथ मिलकर ‘कॉन्फेटी स्टॉर्म’ को ‘कॉन्फेटी स्टारआयन’ का रूप दिया गया।

ये गाने सुसान लिम ने लिखे थे और इनमें दिखाई गई कल्पना COSI द्वारा की जा रही वैज्ञानिक खोज के बहुत करीब है। यह मिशन सुपरनोवा जैसी अंतरिक्ष की घटनाओं से निकलने वाली सॉफ्ट गामा किरणों का अध्ययन करता है। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलती है कि तारे उन तत्वों को कैसे बनाते हैं जिनसे आखिरकार जीवन और ब्रह्मांड का निर्माण होता है।

यह एक खूबसूरत संयोग है, लेकिन एक अहम बात ध्यान देने वाली है: ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ NASA का प्रोडक्शन नहीं है। COSI से इसका जुड़ाव इस बात को लेकर बनी आपसी दिलचस्पी से हुआ कि जब कोई तारा मरता है और अपना पदार्थ बिखेरता है, तो क्या होता है वह पदार्थ जिससे कुछ नया बन सकता है।

असम में वायलिन से लेकर मुंबई के स्टूडियो तक
बरुआ की अपनी कहानी में भी इसी तरह का सफर दिखता है। असम के डिगबोई में जन्मे जयंत बरुआ को चार साल की उम्र में उनके पिता से वायलिन मिला था। कुछ साल बाद, जब उनका परिवार जोरहाट चला गया, तो उनकी बहन ने उन्हें क्लिफ रिचर्ड का गाना ‘बैचलर बॉय’ सिखाया और उन्हें एक कॉम्पिटिशन के मंच तक पहुँचाया। वह जीत गए।

उनके स्कूल की प्रिंसिपल, सिस्टर मैबिलिया ने भी उनका हौसला बढ़ाया। उनके आसपास की संगीत की दुनिया ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया। उनके बढ़ते म्यूज़िकल सफ़र में असमिया लोक संगीत और भूपेन हज़ारिका के साथसाथ बीटल्स, स्टिंग और U2 जैसे नाम भी शामिल थे। क्लासिकल संगीतकार ए.आर. रहमान और एल. सुब्रमण्यम ने इस मिश्रण में और रंग भरे।

शिलांग और गुवाहाटी में पढ़ाई करने के बाद, बरुआ आखिरकार असमिया संगीतकार ज़ुबीन गर्ग की मदद से मुंबई चले गए। इस शहर ने उन्हें एक अलग तरह की सीख दी। उन्होंने वोडाफ़ोन, नेस्कैफ़े, रिलायंस और LG जैसे ब्रांड्स के लिए एडवरटाइज़िंग जिंगल्स से शुरुआत की और बाद में बैकग्राउंड वोकल्स और प्लेबैक सिंगिंग की ओर बढ़े।

उनकी आवाज़ और कंपोज़िशन बाद में ‘देव.डी’, ‘उड़ान’, ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’, ‘एजेंट विनोद’ और ‘मुन्ना भाई’ फ़िल्मों में सुनाई दिए। उन्होंने ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’ और ‘लैला मजनू’ पर भी काम किया। अपने बैंड ‘जोई’ के लीड वोकलिस्ट के तौर पर, उन्होंने असमिया एल्बम ‘जोई: लुकिंग आउट ऑफ़ द विंडो’ रिलीज़ किया और ‘बिग असमिया म्यूज़िक अवार्ड्स’ में ‘बेस्ट न्यूकमर वोकलिस्ट’ का अवॉर्ड जीता।

एक बड़े मंच पर स्थानीय आवाज़
हालांकि, संगीत ही बरुआ के काम का एकमात्र पहलू नहीं रहा है। उन्होंने असम में पर्यावरण संरक्षण, खासकर वहां के रेनफ़ॉरेस्ट और स्थानीय पहचान को बचाने की ज़रूरत के बारे में बात की है।

उनका अंतरराष्ट्रीय सफ़र ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ से पहले आए ‘ALAN’ म्यूज़िकल प्रोजेक्ट के साथ ही शुरू हो गया था। उन्होंने एबे रोड पर लंदन सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्डिंग की और रॉयल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा द्वारा उनके काम को पेश किए जाने वाले पहले असमिया संगीतकार बने।

‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ उस सफ़र को कई कदम आगे ले जाती है। डॉक्टरसाइंटिस्ट और कहानीकार सुज़ैन लिम और क्रिस्टीना टीन्ज़ टैन द्वारा बनाई गई ‘ALAN’ ट्रिलॉजी का दूसरा भाग, AIइनेबल्ड साथी ‘ALAN’ की कहानी है, जो एक “ALANaut” बन जाता है और एक इंसानी साथी के साथ अंतरिक्ष की यात्रा करता है। इसकी सेटिंग भले ही अंतरिक्ष की हो, लेकिन इसके सवाल ज़मीन से जुड़े हैं: ग्रहों का नवीनीकरण, जलवायु के प्रति लचीलापन और पारिस्थितिक सुधार।

इस प्रोडक्शन में ऑर्केस्ट्रल म्यूज़िक, सिम्फोनिक पॉप, एनिमेशन और कहानी कहने की कला का संगम है। असमिया कलाकार समुद्र काजल सैकिया विज़ुअल्स तैयार करते हैं, जबकि मार्टिन बड़े ऑर्केस्ट्रल स्कोर की देखरेख करते हैं।

लिम और टैन द्वारा बरुआ का पुराना काम सुनने के बाद उन्हें इस प्रोजेक्ट में शामिल करने वाले शुरुआती संगीतकारों में से एक बरुआ थे। COSI से जुड़ाव बाद में हुआ, जब इसके बनाने वाले कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले की स्पेस साइंसेज़ लैबोरेटरी गए, जहाँ यह मिशन प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर जॉन टॉमसिक की देखरेख में चल रहा है। अचानक, कहानी के केंद्र में मौजूद मरते हुए तारे का एक वैज्ञानिक पहलू भी सामने आया।

और फिर आई स्टारडस्ट की बात
बरुआ के लिए, सबसे भावुक करने वाली बात शायद यह है कि इस कहानी के लिए उन्हें असम को पीछे नहीं छोड़ना पड़ा। उनकी धुनों में उस जगह की झलक मिलती है जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी, भले ही वे ऑर्केस्ट्रा, एनिमेशन और ब्रह्मांड की कहानी के ज़रिए आगे बढ़ती हैं।

उन्होंने COSI से जुड़े एक प्रोजेक्ट में योगदान देने को विनम्रता का अनुभव बताया है, साथ ही संस्कृति और विज्ञान, दोनों के ज़रिए ब्रह्मांड के साथ भारत के पुराने रिश्ते की ओर भी इशारा किया है।

यह विचार उस संगीतकार के लिए बिल्कुल सही लगता है जिसका सफ़र डिगबोई में बच्चों वाले वायलिन से शुरू हुआ था। उनका काम असम की परंपराओं से मुंबई के स्टूडियो तक, एबे रोड से इंटरनेशनल ऑर्केस्ट्रा तक और अब हॉलीवुड बाउल तक पहुँचा है।

‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ का प्रीमियर 27 जुलाई, 2027 को हॉलीवुड बाउल में लॉस एंजिल्स फिलहारमोनिक और पियानोवादक जीनयवेस थिबॉडेट के साथ होना है। यह नासा के केप कैनावेरल से प्रस्तावित COSI लॉन्च से पहले होगा।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY