वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता को एक अवसर के रूप में देखते हुए, उत्तर प्रदेश पर्यटन ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के लिए तेजी से कदम बढ़ाया है। इसमें अगले दो महीनों के लिए बच्चों और परिवारों के लिए सरकारी संग्रहालयों में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की गई है। एक बयान के मुताबिक बुधवार को पर्यटन निदेशालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ‘आपदा में अवसर’ बताते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया।
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विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में राज्य के धरोहर स्थलों, ‘ईको साइट्स’, किलों एसं अन्य आकर्षक स्थलों को ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के रूप में बढ़ावा देने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन विभाग ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करेगा।
उन्होंने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत संग्रहालयों में आगामी दो माह तक निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जयवीर सिंह ने वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार करने हेतु टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
पर्यटन मंत्री ने कहा,’राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता, संसाधनों के समुचित उपयोग और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अधिकारियों को सरकारी वाहनों के उपयोग को न्यूनतम रखने, आपसी समन्वय स्थापित कर एक ही वाहन से कार्यालय आने तथा विभागीय फ्लीट में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश दिए गए हैं।’
मंत्री सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान कर घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। उन्होंने पर्यटन महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों को भोजन एवं अन्य सेवाओं पर विशेष छूट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावी बनाने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ‘विभिन्न जनपदों के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना निदेशालय आने से बचें तथा आवश्यक बैठकों एवं समन्वय कार्यों के लिए वर्चुअल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करें।





