Amroha Stray dogs attack: उत्तर प्रदेश के अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के पतेई खालसा गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने डेढ़ साल के मासूम गवनीश पर हमला कर दिया. कुत्ते मासूम को घर के बरामदे में पड़ी चारपाई से उठाकर करीब 100 मीटर दूर ले गए और वहां उसे बुरी तरह नोच डाला. गंभीर रूप से घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जानकारी के मुताबिक, पतेई खालसा निवासी भूकन सैनी की बेटी किरन की शादी अमरोहा के कल्याणपुरा निवासी मनोज के साथ हुई है. शुक्रवार शाम किरन अपने दोनों बच्चों गोलू और गवनीश के साथ तीज का त्योहार मनाने मायके आई थी. रात करीब 11 बजे किरन घर के बाहरी हिस्से में बने शौचालय के लिए गई थी. दोनों बच्चे बरामदे में पड़ी चारपाई पर सो रहे थे. परिवार के अन्य सदस्य भी कुछ दूरी पर सो रहे थे. इसी दौरान खुले आंगन वाले घर में आवारा कुत्तों का झुंड घुस आया और चारपाई पर सो रहे डेढ़ साल के गवनीश को उठाकर बाहर ले गया.
लाठी से कुत्तों को भगाने का प्रयास
घर से करीब 100 मीटर दूर साप्ताहिक बाजार के मैदान में स्थित शिव मंदिर के पास कुत्ते मासूम को नोच रहे थे. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली वृद्ध सोमती देवी की नींद खुल गई. बाहर निकलकर उन्होंने कुत्तों को बच्चे पर हमला करते देखा तो शोर मचाया और लाठी से कुत्तों को भगाने का प्रयास किया. इस दौरान कुत्तों ने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया.
बच्चे के शरीर पर करीब 14 गहरे जख्म
शोर सुनकर किरन और उसके मायके वालों के साथ अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और किसी तरह बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया. हमले में मासूम के दोनों कान, सिर, माथे, नाक, गर्दन और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं. उसके शरीर पर करीब 14 गहरे जख्म बताए गए हैं. परिजन बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया गया. फिलहाल मासूम का मेरठ के आनंद अस्पताल में उपचार चल रहा है.
ग्रामीणों में दहशत और प्रशासन की व्यवस्था पर सलाव
अमरोहा में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आने से ग्रामीणों में दहशत है. इस घटना ने प्रशासन की आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को ऐसी दर्दनाक घटना का शिकार न होना पड़े.