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अगर मुँह के छाले लम्बे समय तक नहीं हो रहे हैं सही तो उन्हें हल्के में न लें, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं

अगर मुँह के छाले लम्बे समय तक नहीं हो रहे हैं सही तो उन्हें हल्के में न लें, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं

मुंह के छाले (Mouth Ulcers) वैसे तो बेहद आम समस्या हैं, जो पेट की गड़बड़ी या विटामिन की कमी से होते हैं और आमतौर पर 1-2 हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर यही छाले महीनों तक ठीक न हों, दर्द रहित हों या बार-बार लौटकर आएं, तो उन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान और कैंसर विशेषज्ञों (Oncologists) के मुताबिक, लंबे समय तक बने रहने वाले ऐसे जिद्दी छाले महज एक साधारण समस्या नहीं, बल्कि मुंह के कैंसर (Oral Cancer) का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। हम सभी जानते हैं कि मुंह के छाले आमतौर पर एक से दो हफ्ते के अंदर अपने आप ठीक हो जाते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते।

अगर मुँह के छाले लम्बे समय तक नहीं हो रहे हैं सही तो उन्हें हल्के में न लें, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं
अगर मुँह के छाले लम्बे समय तक नहीं हो रहे हैं सही तो उन्हें हल्के में न लें, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं

क्वोरा पर पूछे गए एक सवाल “मेरे मुंह का छाला ठीक नहीं हो रहा है, मुझे क्या करना चाहिए? का जवाब देते हुए KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. अनिकेत मुले ने बताया कि सामान्य और कुछ समय के लिए होने वाले मुंह के छालों के पीछे तनाव, नींद की कमी, गलती से गाल कट जाना, ज्यादा मसालेदार भोजन, शरीर में पानी की कमी और कुछ पोषक तत्वों की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। लेकिन जब छाले 10-15 से ज्यादा, महीनों तक परेशान करें तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि मुंह के छालों से कब होना चाहिए सतर्क।

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कैंसर के छाले और आम छालों की पहचान कैसे करें

आम छाले (Aphthous Ulcers) लाल रंग के होते हैं, जिनमें तेज दर्द या जलन होती है और वे 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाते हैं। इसके विपरीत, कैंसर के शुरुआती छाले अक्सर सफेद या गहरे लाल रंग (Leukoplakia) के पैच जैसे दिखते हैं, जिनमें शुरुआत में कोई दर्द नहीं होता।

मुंह के छालों से कब होना चाहिए अलर्ट

डॉ. मुले के अनुसार, अगर मुंह का छाला सामान्य छालों की तरह व्यवहार नहीं कर रहा है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया अगर मुंह के अंदर का घाव या छाला दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है, बार-बार लौटकर आता है, आकार में बढ़ता जाता है, खून निकलने लगता है या इसके साथ लगातार दर्द, निगलने में परेशानी, बिना वजह वजन कम होना, बुखार या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मुंह में दिखने वाले ये लक्षण क्या दूसरी बीमारियों का भी संकेत हैं?

डॉ. मुले ने जोर देकर कहा कि लोग अक्सर मुंह को शरीर के बाकी हिस्सों से अलग समझते हैं, जबकि कई बार मुंह में दिखाई देने वाले लक्षण किसी अंदरूनी हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार होने वाले मुंह के छाले शरीर में विटामिन B12, आयरन या फोलेट जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ संक्रमण, इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियां, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर और दूसरी क्रॉनिक बीमारियों के शुरुआती संकेत भी मुंह में दिखाई दे सकते हैं।

एक्सपर्ट ने होम रेमेडीज से किया अलर्ट

एक्सपर्ट ने बताया छालों के घरेलू उपाय हमेशा समाधान नहीं होते।  डॉ. मुले ने बताया कि कई लोग बार-बार छाले होने पर बिना कारण जाने मेडिकल स्टोर से मिलने वाले जेल या घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। हालांकि ये उपाय अस्थायी राहत तो दे सकते हैं, लेकिन अक्सर समस्या की असली वजह का इलाज नहीं कर पाते।

शरीर के छोटे संकेतों को समझना जरूरी

हमारी बॉडी में किसी भी बीमारी के पनपते ही हमारी बॉडी छोटे-छोटे संकेत देने लगती है। डॉ. मुले के अनुसार, लगातार रहने वाला छाला किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन उसका लंबे समय तक बने रहना परेशानी की बात है। कोई भी लक्षण यदि अपेक्षित समय में ठीक नहीं हो रहा है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए।

समय पर जांच क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञ का कहना है कि शुरुआती जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि समस्या केवल पोषण की कमी से जुड़ी है, किसी संक्रमण का परिणाम है या फिर किसी ऐसी स्थिति का संकेत है जिसके लिए आगे विस्तृत जांच की आवश्यकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे सूक्ष्म संकेतों पर ध्यान देने से बीमारी का जल्द पता लगाया जा सकता है और उसका बेहतर तरीके से इलाज एवं प्रबंधन संभव हो पाता है।

डिस्क्लेमर:यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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