उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल अभी से बनने लगी है. बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुसलमान अब सपा के झांसे में न आएं और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए नया और मजबूत विकल्प तलाशें.

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों के नाम एक खुला पत्र जारी किया. इस पत्र में उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है और मुस्लिम समाज को सोच-समझकर फैसला लेना होगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सिर्फ मुसलमानों से वोट लेने का काम करती है, लेकिन उनके मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करती.
‘मुस्लिम समाज के बड़े मुद्दे पर नहीं बोलते अखिलेश’
अखिलेश यादव के सॉफ्ट हिंदुत्व पर हमला करते हुए मौलाना रजवी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश का झुकाव अब सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ दिखाई दे रहा है. उनके मुताबिक अखिलेश मुस्लिम समाज के बड़े मुद्दों पर बोलने से बचते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सपा प्रदेश के मुसलमानों को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का डर दिखाकर उनसे वोट मांगती है, जबकि कई मौकों पर सपा नेताओं और बीजेपी नेताओं के अच्छे रिश्ते भी सामने आते रहे हैं.
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मौलाना रजवी ने अपने बयान में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की दुआ की थी. इसके अलावा उन्होंने अखिलेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच मुलाकात का भी हवाला दिया. मौलाना ने कहा कि अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं दी थी और अपने घर आने का न्योता भी दिया था. इतना ही नहीं, मौलाना ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन तस्वीरों का भी जिक्र किया, जिनमें सपा और बीजेपी के नेता एक साथ दावत में नजर आए थे.
सपा का ‘दोहरा चेहरा’ पहचान लीजिएः रजवी
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को अब सपा का दोहरा चेहरा पहचान लेना चाहिए और भावनाओं में आकर वोट नहीं देना चाहिए. मौलाना ने मुस्लिम नेताओं की लगातार चुप्पी पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, तब कई नेता खामोश हो जाते हैं. ऐसे में अब मुसलमानों को खुद आगे आकर अपने हितों के लिए फैसला लेना होगा.
मौलाना रजवी ने यह साफ कहा कि अब सिर्फ सपा को वोट देते रहने का समय खत्म हो गया है. मुस्लिम समाज को अपने भविष्य और कौम के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेना होगा. उन्होंने प्रदेश के मुसलमानों से अपील की कि अगले साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार किया जाए, ताकि समाज की आवाज मजबूती से उठाई जा सके.





