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अखिलेश ने सच में चौंकाया… 24 घंटे में कैसे आलोक रंजन से धनराज बन गए राज्यसभा कैंडिडेट​

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी ने चौंका दिया है. सपा ने जिन दो उम्मीदवारों का पर्चा भराया है, उसमें पहले हैं रामगोपाल यादव और दूसरे धनराज परिमल नथवानी. इससे पहले दूसरे कैंडिडेट के रूप में पूर्व मुख्य सचिव और अखिलेश के सलाहकार आलोक रंजन का नाम […]

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी ने चौंका दिया है. सपा ने जिन दो उम्मीदवारों का पर्चा भराया है, उसमें पहले हैं रामगोपाल यादव और दूसरे धनराज परिमल नथवानी. इससे पहले दूसरे कैंडिडेट के रूप में पूर्व मुख्य सचिव और अखिलेश के सलाहकार आलोक रंजन का नाम चर्चा में था. उन्होंने सारी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन पिछले 24 घंटे में घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि आलोक की जगह धनराज कैंडिडेट हो गए.

दरअसल, 29 तारीख यानी मंगलवार को सपा दफ्तर में विधायकों का जमावड़ा लगा हुआ था. सबको लग रहा था कि रामगोपाल यादव और आलोक रंजन का टिकट पक्का है, बस तीसरे कैंडिडेट के नाम पर चर्चा होनी है. विधायक तैयारी कर रहे थे कि कौन किसके पक्ष में वोट डालेगा. सपा नेता अंबिका चौधरी एक लिस्ट बना भी रहे थे, तभी अचानक अखिलेश यादव ने आलोक रंजन का नाम होल्ड करने का इशारा कर दिया. इसके बाद पूरा गेम ही पलट गया.

‘तैयार रहिए’

राज्यसभा चुनाव के ऐलान के बाद ही अखिलेश ने तय कर लिया था कि इस बार वह तीन सीटों के लिए प्रत्याशी उतारेंगे. उन्होंने दो नाम तय भी कर दिए और तीसरे नाम पर मंथन शुरू हो गया. रामगोपाल यादव ने फिर से राज्यसभा जाने की इच्छा जताई तो अखिलेश ने उनका टिकट तुरंत कंफर्म कर दिया. फिर अखिलेश ने अपने सलाहकार आलोक रंजन को फोन करके कहा कि तैयार रहिए. पिछले राज्यसभा चुनाव में भी अखिलेश ने आलोक रंजन को प्रत्याशी बनाया था, लेकिव सपा के विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से वो चुनाव हार गए थे.

दस्तावेज इकट्ठा किया जाने लगा

29 सितंबर को अखिलेश ने सपा विधायकों की बैठक बुलाई. इस बैठक से पहले सपा दफ्तर में रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव पहुंच गए थे. थोड़ी देर में पूर्व सांसद सलीम शेरवानी भी पहुंचे और राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई. सपा दफ्तर से बाहर निकलने के बाद सलीम शेरवानी ने कहा कि मैंने अखिलेशजी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, उन्होंने कहा कि मैं 34 अक्टूबर को बताऊंगा. इतना कहकर सलीम शेरवानी सपा दफ्तर से चले गए.

तीन नामांकन पत्र खरीदे गए

सलीम शेरवानी के दफ्तर से निकलने के बाद ही सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीन फॉर्म खरीदे. इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि रामगोपाल यादव के अलावा आलोक रंजन और सलीम शेरवानी को सपा अपना प्रत्याशी बना सकती है. विधायकों ने नामांकन पत्र पर बतौर प्रस्तावक सिग्नेचर भी करना शुरू कर दिया. कमरे में रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव और अंबिका चौधरी के अलावा सपा के सारे विधायक एकएक करके सिग्नेचर कर रहे थे.

‘अभी रुक जाइए’

एक फॉर्म में बतौर प्रत्याशी रामगोपाल यादव का नाम था, लेकिन बाकी दोनों फॉर्म पर किसी का नाम नहीं लिखा था. इस बीच किसी ने आलोक रंजन से संपर्क करने की कोशिश की, जो अभी तक सपा दफ्तर नहीं आए थे. सूत्र बताते हैं कि फोन पर आलोक रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्षजी ने अभी रूकने के लिए कहा है. यहीं से पूरा माहौल बदल गया और चर्चा होने लगी कि आलोक रंजन की जगह कोई और प्रत्याशी बनाया जा सकता है.

‘समुद्र किनारे से आएगा’

इसी बीच कुछ विधायकों ने अखिलेश यादव से मुलाकात की और पूछा कि दूसरा व तीसरा कैंडिडेट कौन होगा? इस पर अखिलेश यादव ने सधे हुए अंदाज में कहा कि नाम सुनकर चौंक जाओगे… समुद्र किनारे से होगा. अखिलेश ने जैसे ही अपने करीबियों से यह बात कही, वैसे ही चर्चा शुरू हो गई कि कोई उद्योगपति राज्यसभा का चुनाव लड़ सकता है. इस दौरान तीनों फॉर्म पर सारे विधायकों का सिग्नेचर हो गया.

सपा दफ्तर में अचानक हलचल

शाम होतेहोते सपा दफ्तर में अचानक हलचल बढ़ गई. तीन से चार गाड़ियों से कोई नेता सपा दफ्तर में आएं. बाहर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के जवान खड़े थे. चर्चा होने लगी कि पूर्व सांसद व बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह आए हैं. हालांकि, सपा की ओर से तुरंत खंडन कर दिया गया. बताया जा रहा है कि जो नेता सपा दफ्तर पहुंचे थे, वो दूसरे दल के बड़े नेता बताए जा रहे थे. करीब एक घंटे की बैठक के बाद रामगोपाल यादव की गाड़ी में ही वो नेता सपा दफ्तर से बाहर निकले और चले गए.

अखिलेश के आवास पर मीटिंग

इस बैठक के बाद अखिलेश भी अपने आवास पर चले गए. थोड़ी देर में रामगोपाल यादव और अंबिका चौधरी भी नामांकन फॉर्म लेकर अखिलेश के आवास पर पहुंच गए. सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के आवास पर आलोक रंजन भी पहुंच गए थे. अखिलेश के घर पर करीब तीन घंटे तक बैठक चली. इस दौरान धनराज परिमल नथवानी के नाम पर मुहर लगा दी गई और तय हो गया कि कल ही रामगोपाल और धनराज नामांकन दाखिल करेंगे.

सुबह धनराज नथवानी का ऐलान

बुधवार सुबह अखिलेश यादव ने सबको चौंकाते हुए धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा का दूसरा कैंडिडेट घोषित कर दिया. धनराज नथवानी, रिलायंस के न्यू एनर्जी बिज़नेस को हेड करते हैं, साथ ही RIL के डायरेक्टर हैं. इसके अलावा गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और द्वारका देवस्थानम बोर्ड के वाइस चेयरमैन हैं. धनराज, मुकेश अंबानी के करीबी परिमल नथवानी के बेटे हैं. हाल में ही परिमल नथवानी, झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीते हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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