हर साल World Malaria Day के मौके पर मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जाता है. यह एक ऐसी बीमारी है जो मच्छरों के जरिए फैलती है और समय पर इलाज न मिलने पर खतरनाक रूप ले सकती है. भारत समेत कई देशों में यह आज भी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है. बदलते मौसम, गंदगी और पानी जमा होने जैसी स्थितियां इसके खतरे को और बढ़ा देती हैं.

अक्सर लोग और डेंगू को एक जैसा मान लेते हैं, क्योंकि दोनों ही मच्छरों से फैलते हैं और इनके लक्षण भी कुछ हद तक मिलते-जुलते होते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण लोग शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है. जागरूकता की कमी और लापरवाही भी इस बीमारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है. इसलिए जरूरी है कि लोग इसके बारे में सही जानकारी रखें और समय रहते सतर्क हो जाएं, ताकि बड़ी परेशानी से बचा जा सके.
मलेरिया क्या है और क्यों होता है?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है. यह बीमारी प्लाज्मोडियम नाम के पैरासाइट के कारण होती है, जो मच्छर के जरिए इंसान के शरीर में एंटर करता है. एक बार शरीर में पहुंचने के बाद यह खून और लीवर को प्रभावित करता है.
मलेरिया मुख्य रूप से उन जगहों पर ज्यादा फैलता है, जहां गंदा पानी जमा रहता है और मच्छरों की संख्या अधिक होती है. बारिश और गर्मी के मौसम में इसका खतरा और बढ़ जाता है. अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है. छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इसके ज्यादा शिकार हो सकते हैं, इसलिए इनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है.
डेंगू से कितना अलग है मलेरिया?
मलेरिया और डेंगू दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके कारण और लक्षण अलग होते हैं. मलेरिया पैरासाइट के कारण होता है, जबकि डेंगू वायरस से फैलता है. मलेरिया में आमतौर पर ठंड लगकर तेज बुखार आना, पसीना आना और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द और कभी-कभी त्वचा पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं. डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकते हैं, जो इसे ज्यादा गंभीर बना देता है. दोनों बीमारियों में समय पर पहचान और इलाज बहुत जरूरी होता है.
बचाव के लिए क्या करें?
मलेरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी है मच्छरों से दूरी बनाकर रखना. घर और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों के पनपने की मुख्य जगह होती है. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और बाहर निकलते समय मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें.
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, खासकर शाम के समय. घर के आसपास साफ-सफाई रखें और समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं. अगर बुखार या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय पर जांच और इलाज हो सके.





