पूर्व भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान एक बार फिर खींचा है। 17 साल के अन्वय ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी एलीट टूर्नामेंट में गुजरात के खिलाफ 100 गेंदों पर 151 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी की मदद से कर्नाटक ने 358 रन का लक्ष्य 5 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत में अन्वय के साथ ध्रुव कृष्णन की भी अहम भूमिका रही।

कर्नाटक की कप्तानी कर रहे अन्वय ने लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 357 रन बनाए थे। जवाब में कर्नाटक की शुरुआत ठीक रही, लेकिन छठे ओवर में नितीश आर्य का विकेट गिर गया। इसके बाद रोहित रेड्डी और ध्रुव कृष्णन ने दूसरे विकेट के लिए 33 रन जोड़े। रोहित 12वें ओवर में आउट हो गए, जिसके बाद अन्वय ने ध्रुव के साथ पारी संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 204 रन की बड़ी साझेदारी की और कर्नाटक को जीत के करीब पहुंचा दिया। ध्रुव कृष्णन 38वें ओवर में आउट हुए। इसके बाद अन्वय ने अनिकेत रेड्डी के साथ चौथे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। अन्वय 44वें ओवर में अपना विकेट गंवा बैठे, लेकिन तब तक टीम की जीत की राह काफी आसान हो चुकी थी। अनिकेत रेड्डी और तेजस रेड्डी ने बाकी रन बनाकर कर्नाटक को 5 विकेट से जीत दिला दी।
इससे पहले गुजरात की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सातवें ओवर में 19 रन पर उसका पहला विकेट गिर गया। इसके बाद शौर्य पंचोली और वेद पटेल ने दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंचतेपहुंचते 3 विकेट गिर चुके थे। फिर कुश पटेल और समीर भंडारी ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। कुश के आउट होने के बाद समीर और यश पंजवानी ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 217 रन की साझेदारी कर गुजरात को 357 रन तक पहुंचाया।
गौरतलब है कि अन्वय कर्नाटक की 16 सदस्यीय टीम की अगुवाई कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट इस महीने की शुरुआत में विशाखापत्तनम में शुरू हुआ था। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से करीब 10 महीने पहले अन्वय ने श्रीलंका में अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की अंडर19 टीम के लिए पदार्पण किया था। इससे पहले दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में भी उन्होंने 41 गेंदों पर 85 रन बनाए थे। उस मैच में रोहित रेड्डी, नितीश आर्य और ध्रुव कृष्णन के योगदान से कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 418 रन बनाए थे।
इसी टूर्नामेंट में पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बड़े बेटे आर्यवीर सहवाग ने भी शानदार पारी खेली। दिल्ली की कप्तानी कर रहे 18 वर्षीय आर्यवीर ने 143 गेंदों पर 173 रन बनाए, लेकिन उनकी टीम जीत नहीं सकी। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 289 रन बनाए। आर्यवीर के साथ सलामी बल्लेबाज अर्णव बुग्गा ने 47 रन का योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंडीगढ़ की टीम ने 42वें ओवर में ही जीत हासिल कर ली। रूपेश यादव ने 125 गेंदों पर 167 रन की पारी खेली, जिसमें 23 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी से चंडीगढ़ ने 5 विकेट से मुकाबला जीत लिया। आर्यवीर दिल्ली की 16 सदस्यीय टीम के कप्तान हैं और सितंबर में राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की अंडर19 टीम में पदार्पण कर चुके हैं। बता दें कि वीनू मांकड़ ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का अहम मंच है, जहां ऐसे प्रदर्शन भविष्य में बड़े स्तर पर खेलने के अवसर बनाने में मददगार हो सकते हैं।