DharamViral

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: 3 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत, इस दिन जरूर पढ़ें ये पावन कथा

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: 3 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत, इस दिन जरूर पढ़ें ये पावन कथा

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विभुवन संकष्टी के नाम से जाना जाता है। इस बार ये संकष्टी 3 जून 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश के विभुवन रूप की आराधना की जाती है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस संकष्टी पर व्रत रखकर गणपति बप्पा की विधि विधान पूजा करता है, साथ ही उन्हें नारियल के लड्डुओं का भोग लगाता है उसके जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं। कहते हैं इस संकष्टी व्रत का पुण्य सामान्य दिनों में आने वाले संकष्टी व्रत से कई गुना अधिक प्राप्त होता है। चलिए आपको बताते हैं इस संकष्टी चतुर्थी की पावन कथा।

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: 3 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत, इस दिन जरूर पढ़ें ये पावन कथा
Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: 3 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत, इस दिन जरूर पढ़ें ये पावन कथा

यहां हम आपको जिस कथा के बारे में बताने जा रहे हैं उस कथा को आप किसी भी व्रत में पड़ सकते हैं। कहते हैं इस कथा को पड़ने से व्रत-पूजन का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। खासतौर से गणेश जी से जुड़े व्रत-त्योहारों में तो जरूर ही ये कहानी पढ़नी चाहिए। 

Khabar Monkey

विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

कथा अनुसार किसी नगर में एक बुढ़िया माई रहती थी जो प्रतिदिन मिट्टी के गणेश जी की पूजा किया करती थी। लेकिन उसकी सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि उसे भगवान की मूर्ति रोजाना बनानी पड़ती थी क्योंकि मिट्टी की मूर्ति होने के कारण वो गल जाती थी। एक दिन जब उसके नगर में एक सेठ का मकान बन रहा था तो उसने सोचा कि क्यों न मकान बनाने वाले मिस्त्री से पत्थर की गणेश मूर्ति बनवा लूं। ये सोचकर वो  मिस्त्री से जाकर बोली कि मेरे लिए पत्थर का गणेश बना दो। मिस्त्री बोले- अरे बुढ़िया माई जितने में हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में अपनी दीवार ना चिनेंगे।

बुढ़िया को गुस्सा आ गया और वो बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। अब क्या था इसके बाद से तो मिस्त्री की दीवार सही से बन ही नहीं पाई। अब जब भी वो दीवार चिनें और ढा देवें, चिने और ढा देवें। ऐसा करते-करते शाम हो गई। शाम को जब सेठ आये उन्होंने देखा कि अब तक तो कुछ भी काम नहीं हुआ। उन्होंने इसकी वजह जाननी चाहिए। जिसके बाद मिस्त्री बोले कि एक बुढ़िया आई थी वो पत्थर की गणेश प्रतिमा बनाने को कह रही थी लेकिन हमने उसका काम नहीं किया। फिर उसने कहा कि तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। तब से ये दीवार सीधी बन ही नहीं रही। 

सेठ ने बुढ़िया को बुलाकर कहा कि हम तेरा सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दो। सेठ ने बुढ़िया को जैसे ही सोने की गणेश प्रतिमा दी सेठ की दीवार सीधी हो गई। हे गणेश भगवान जैसे सेठ की दीवार सीधी की वैसी सबकी करना।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply