Vastu Tips: अगर किसी घर में वास्तु दोष रहता है तो वहां आर्थिक और मानसिक दोनों परेशानियां बनी रहती हैं। उस घर में हमेशा क्लेश होता है और परिवार के सदस्य भी बीमार रहते हैं। वास्तु दोष के कारण घर के लोगों की किस्मत भी प्रभावित हो जाती है। उन्हें किसी भी काम में भाग्य का साथ नहीं मिलता है। वास्तु के अनुसार, घर का एक विशेष कोना ऐसा है जिसे कभी खाली या गंदा नहीं रखना चाहिए। यदि इस कोने को सही से रखा जाए तो आपकी सोई हुई किस्मत चमक सकती है।
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ईशान कोण
ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व दिशा। यह दिशा सबसे पवित्र, सकारात्मक और ऊर्जावान कोना माना जाता है। इस कोने को हमेशा साफ-सुथरा और शुद्ध रखना चाहिए। इस दिशा मंदिर स्थापित करें या फिर जल से भरा हुआ कलश रखें। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाना भी सबसे शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर यह कोना वास्तु दोष से मुक्त रहे तो घर में सुख, शांति और अपार धन का आगमन होता है। ईशान कोण में कभी भी कबाड़ या फालतू का सामान न रखें। ऐसा करने से घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है। मानसिक तनाव, आर्थिक हानि और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ईशान कोण को कभी भी खाली न रखें यहां शुभ चीजें ही रखें। इस कोने को खाली रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
उत्तर दिशा
घर की उत्तर दिशा को भी कभी खाली न रखें। वरना धन संचय में बाधा आ सकती है। उत्तर दिशा में माता लक्ष्मी और कुबेर जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके अलावा आप इस दिशा में तुलसी का पौधा भी रख सकते हैं। यह कोना जितना अच्छे से रहेगा घर के लोग उतनी ही तरक्की करेंगे।
आग्नेय कोण
दक्षिण-पूर्व का कोना अग्नि का स्थान माना गया है। ऐसे में इस दिशा में लाल बल्ब या तांबे की चीजें रखना अच्छा माना जाता है। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। दक्षिण-पूर्व दिशा में किचन बना सकते हैं। दक्षिण-पूर्व कोना ठंडा रखने से घर के सदस्यों में आलस बढ़ता है।
वायव्य कोण
उत्तर-पश्चिम कोना को चंद्रमा और वायु से जुड़ा हुआ माना जाता है, इसलिए इस दिशा को वायव्य कोण कहते हैं। इस कोना को खाली रखने से घर में अशांति और क्लेश उत्पन्न होता है। उत्तर-पश्चिम कोना में विंड चाइम या सफेद शोपीस रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)





