अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है. निवेशक फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के प्लान और दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं. ऊर्जा कीमतों में उछाल और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच गोल्ड ने हालिया गिरावट के बाद स्थिर रुख अपनाया है, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है.
Khabar Monkey

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है. पिछले दो हफ्तों की गिरावट के बाद गोल्ड अब एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है. निवेशकों की नजर खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप के उस प्लान पर है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका कुछ जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगा.
सोने की मौजूदा कीमत
सोने की कीमत लगभग $4,620 प्रति औंस के आसपास बनी हुई है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का ताजा शांति प्रस्ताव शायद पर्याप्त नहीं है. इस अनिश्चितता ने बाजार में सावधानी का माहौल बना दिया है. ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ा है. ऐसे में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं, जो गोल्ड के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता.
फिर भी, लंबी अवधि में सोने के प्रति निवेशकों का भरोसा बना हुआ है. World Gold Council के अनुसार, पहली तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने एक साल से अधिक समय में सबसे तेजी से सोने की खरीद की है. इसके अलावा, निजी संस्थान भी लगातार खरीदारी कर रहे हैं. अन्य धातुओं की बात करें तो चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम में हल्की तेजी देखी गई है. वहीं डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट आई है. आने वाले दिनों में निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी के उधारी प्लान, फेडरल रिजर्व के बयान और रोजगार आंकड़ों पर नजर रखेंगे, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
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