शेयर बाजार में टाटा समूह की कंपनियों पर निवेशकों की हमेशा खास नजर रहती है. इसी कड़ी में टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (Tata Motors CV) ने अपनी मार्च तिमाही के शानदार नतीजे घोषित कर दिए हैं, जो निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं. कंपनी के मुनाफे से लेकर रेवेन्यू तक, हर मोर्चे पर दमदार उछाल देखने को मिला है. सबसे अहम बात यह है कि इन बेहतरीन नतीजों के साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की भी घोषणा की है. चूंकि ये नतीजे बाजार बंद होने के बाद सामने आए हैं, इसलिए 14 मई को कंपनी के शेयरों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.
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कमाई में भारी जंप, मुनाफे ने चौंकाया
मार्च तिमाही के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि टाटा मोटर्स का कमर्शियल व्हीकल कारोबार तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है. साल-दर-साल आधार पर देखें तो कंपनी के कंसॉलिडेटेड मुनाफे में 35 फीसदी का शानदार उछाल आया है. अब यह मुनाफा बढ़कर 1,800 करोड़ रुपये के स्तर पार पहुंच गया है. केवल मुनाफा ही नहीं, बल्कि कंपनी की कुल आमदनी (कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू) भी 19 फीसदी की बढ़त के साथ 26,100 करोड़ रुपये हो गई है.
स्टैंडएलोन नतीजों की तस्वीर और भी बेहतरीन नजर आती है. स्टैंडएलोन प्रॉफिट 70 फीसदी की लंबी छलांग लगाकर 2,400 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है. वहीं, स्टैंडएलोन रेवेन्यू भी 22 प्रतिशत बढ़कर 24,500 करोड़ रुपये हो गया है. इस दमदार प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 4 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के बाद उनके खातों में क्रेडिट किया जाएगा.
मार्जिन में शानदार सुधार, खजाने में भरा कैश
किसी भी कंपनी की आर्थिक सेहत उसके मार्जिन से तय होती है, इस मोर्चे पर टाटा सीवी ने निराश नहीं किया है. मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 150 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 13.1 फीसदी हो गया है. वहीं, EBIT मार्जिन में भी 230 बेसिस प्वाइंट्स का मजबूत सुधार हुआ है, जिसके बाद यह 11.5 फीसदी पर पहुंच गया है. टैक्स व असाधारण खर्चों से पहले का मुनाफा (PBT) भी 29 फीसदी की तेज बढ़त के साथ 2,400 करोड़ रुपये रहा है. वित्तीय स्थिरता की बात करें तो 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 13,700 करोड़ रुपये का मजबूत कैश रिजर्व था.
बाजार पर दबदबा कायम, नए ट्रकों से बढ़ा दमखम
भारत के कमर्शियल व्हीकल बाजार में टाटा का वर्चस्व साफ नजर आता है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे सेगमेंट में कंपनी की कुल बाजार हिस्सेदारी 35.7 फीसदी है. इसे अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर देखें, तो हेवी कमर्शियल व्हीकल्स (HCV) में टाटा की हिस्सेदारी 55 फीसदी है, जो एक बड़ी लीड है. इसके अलावा ILMCV सेगमेंट में 39.5 फीसदी, छोटे कमर्शियल वाहनों (SCV) में 26.8 फीसदी तथा पैसेंजर करियर सेगमेंट में 36.4 फीसदी हिस्सेदारी है. बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए कंपनी ने इसी तिमाही में 17 नई पीढ़ी (नेक्स्ट-जेनरेशन) के ट्रक भी उतारे हैं.





