गुरुवार, 24 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
ECI SIR Controversy: ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, अभिजीत दीपके बोले- इस्तीफा दें वरना देशव्यापी आंदोलन होगा​ | कार खरीदने का प्लान है तो थोड़ा रुकिए! अगले 10 दिन में लॉन्च होंगी ये 5 धांसू फेसलिफ्ट गाड़ियां​ | अबकी बार, अपनी-अपनी पतवार… एक नाव पर क्यों नहीं सवार हो रहे हैं यूपी के छोटे दल​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

Share Market: 1200 अंक गिरा सेंसेक्स, इन 3 वजहों से बाजार में आई भारी गिरावट​

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ. शुरुआती कारोबार में ही बेंचमार्क इंडेक्स ने सुस्ती के संकेत दे दिए थे, लेकिन दोपहर होतेहोते स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई. बाजार में ऐसी चौतरफा बिकवाली आई कि निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान से भर गए. दोपहर 2 […]

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ. शुरुआती कारोबार में ही बेंचमार्क इंडेक्स ने सुस्ती के संकेत दे दिए थे, लेकिन दोपहर होतेहोते स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई. बाजार में ऐसी चौतरफा बिकवाली आई कि निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान से भर गए.

दोपहर 2 बजे के करीब बाजार पूरी तरह धड़ाम हो गया. सेंसेक्स लगभग 1.65 प्रतिशत टूटकर 1200 अंकों की भारी गिरावट के साथ 73,604.25 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स भी 1.64 प्रतिशत फिसलकर 375 अंक नीचे 23,070.05 के लेवल पर कामकाज करता दिखा. आज की इस भारी गिरावट में एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फिनसर्व जैसे बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई. इन दिग्गजों के गिरने से पूरा बाजार दबाव में आ गया.

बाजार में गिरावट के मुख्य कारण

शेयर बाजार में मची इस तबाही के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं. सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. इसके चलते देश में महंगाई बढ़ने, भारत के इंपोर्ट बिल में इजाफा होने की चिंताएं गहरी हो गई हैं.

दूसरी तरफ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड उछलकर 5.11% पर पहुंच गई है. इसने ग्लोबल इक्विटी वैल्युएशन पर भारी दबाव बना दिया है. जियोजीत इन्वेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार का मानना है कि ब्रेंट क्रूड का 106 डॉलर के पार जाना, 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5.11% पर पहुंचना भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी, बाजार में पक्की रिकवरी काफी मुश्किल है.

छोटे शेयरों पर निवेशकों का भरोसा

इस भारी गिरावट के बीच एक दिलचस्प ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ लार्ज कैप शेयर सस्ते होने के बावजूद पिट रहे हैं, वहीं निवेशक मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में जमकर पैसा लगा रहे हैं. घरेलू निवेशकों की तरफ से आ रहा पैसा इन छोटे शेयरों को ताकत दे रहा है.

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि महंगे वैल्युएशन के बावजूद ग्रोथ वाले शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है. बाजार में घरेलू लिक्विडिटी का मजबूत प्रवाह छोटे शेयरों को बचाए हुए है. हालांकि जानकारों ने चेतावनी भी दी है कि ये ट्रेंड आगे जाकर पलट सकता है. ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि कच्चे तेल, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड की दिशा आगे क्या रहती है.

डॉलर के सामने पस्त हुआ रुपया

शेयर बाजार की इस गिरावट के साथ करंसी मार्केट से भी निवेशकों के लिए बुरी खबर आई. शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 11 पैसे गिरकर 95.84 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया. दुनिया भर में चल रहे तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है.

विदेशी मुद्रा से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि विदेशी पूंजी आने से भी रुपये को कोई खास सपोर्ट नहीं मिला है. कुल मिलाकर घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली, मजबूत होता डॉलर बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर रहा है. इन सभी ग्लोबल फैक्टर्स ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार को लहूलुहान कर दिया.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY