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RBI दे सकता है आपको EMI का झटका, इतनी बढ़ सकती है होम-कार लोन की ईएमआई​

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक झटका देने वाली खबर सामने आई है. जापानी दिग्गज ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का सेंट्रल बैंक आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर के महीने में लोन ईएमआई की दरों में इजाफा कर ​सकता है. […]

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक झटका देने वाली खबर सामने आई है. जापानी दिग्गज ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का सेंट्रल बैंक आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर के महीने में लोन ईएमआई की दरों में इजाफा कर ​सकता है. इन दोनों महीनों में कुल मिलाकर 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन लेना काफी महंगा हो सकता है. वैसे आरबीआई ने काफी समय से पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. उससे पहले आरबीआई ने पॉलिसी रेट में करीब 1.25 फीसदी की कमी की थी. आइए आपको भी बताते हैं कि ​आखिर ​जापानी दिग्गज ने किस तरह​ के आंकड़े सामने रखे हैं…

रेपो रेट में 0.50% का हो सकता है इजाफा

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अक्टूबर और दिसंबर की पॉलिसी रिव्यू मीटिंग्स में ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ाने की संभावना है, जिससे टर्मिनल रेट 5.75 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. टर्मिनल रेट का मतलब उस अधिकतम या न्यूनतम टारगेट रेट से है, जिसकी उम्मीद क्रमशः टाइटनिंग या ईजिंग साइकिल के दौरान की जाती है. फरवरी 2027 से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होने की उम्मीद है, जिसकी वजह आने वाले साल में कंज्यूमर स्पेंडिंग में कमी और महंगाई के नरम रहने का अनुमान है. RBI अक्टूबर और दिसंबर में हर बार 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करके टर्मिनल रेट को 5.75 प्रतिशत तक ले जाएगा, हालांकि इस बात का भी कुछ जोखिम है कि शायद सिर्फ एक बार ही बढ़ोतरी हो.

अगले साल कम हो सकती है महंगाई

ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप नोमुरा ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि हमें लगता है कि फरवरी 2027 से रेट में बढ़ोतरी की संभावना कम हो जाएगी, क्योंकि खपत में संभावित कमी और अगले साल महंगाई कम रहने का अनुमान है. महंगाई के मामले में, नोमुरा को उम्मीद है कि अगले छह महीनों में खानेपीने की चीजों और ऊर्जा की कीमतों के कारण महंगाई बढ़ेगी, लेकिन उसने यह भी कहा कि जैसेजैसे इनसे मांग कम होगी, महंगाई वापस टारगेट पर आ जाएगी. उसने कहा कि हमें उम्मीद है कि CPI महंगाई अगस्त में 4.8 प्रतिशत से बढ़कर Q4 में 6.3 प्रतिशत और H1 2027 में लगभग 5.3 प्रतिशत हो जाएगी, और फिर H2 2027 में 4 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी. उसने कहा कि औसतन, हमारा अनुमान है कि FY27 में CPI महंगाई 5.2 प्रतिशत और FY28 में 4 प्रतिशत रहेगी,” साथ ही उसने कहा कि कोर CPI महंगाई FY27 में 4.3 प्रतिशत और FY28 में 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

इस साल बढ़ रहा है फूड इंफ्लेशन

नोमुरा ने कहा कि खानेपीने की चीज़ों की महंगाई “निकट भविष्य में महंगाई के अनुमान के लिए सबसे बड़ा जोखिम” है. रिपोर्ट के अनुसार, इस साल खानेपीने की चीज़ों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसकी वजह कम बारिश और खरीफ की फसल की खराब बुवाई है. उसने कहा कि हालांकि चीनी और प्याज पर सरकारी नीतिगत कदमों से कीमतों में बढ़ोतरी कुछ कम हो सकती है, लेकिन फसल का कम उत्पादन बताता है कि फिलहाल खानेपीने की चीज़ों की कीमतों में बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है.”

कैसी रहेगी ग्रोथ

ग्रोथ के बारे में, नोमुरा ने कहा कि भारत की रियल GDP ग्रोथ Q2 में 7.8 प्रतिशत रही, जिसने सबको चौंका दिया, जबकि क्रेडिट ग्रोथ “डबल डिजिट में ” थी. हालांकि, उसने कहा, “हमें आर्थिक दृष्टिकोण के लिए कुछ नए जोखिम दिखाई दे रहे हैं. रिपोर्ट में कहा कि कम बारिश का मतलब है नोमुरा ने कहा, “खरीफ और रबी की फसल का उत्पादन कम होने की संभावना है, जिसका असर ग्रामीण खपत पर भी पड़ेगा.” उन्होंने आगे कहा कि खानेपीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतों से लोगों की खर्च करने लायक असली आय कम हो सकती है और गैरज़रूरी चीज़ों की मांग घट सकती है.

सर्विस सेक्टर पर एआई का असर

ब्रोकरेज फर्म ने भारत के सर्विस सेक्टर पर AI के विकास के असर की ओर भी इशारा किया. भारत का सॉफ्टवेयरसर्विस सरप्लस Q2 2026 में 51.4 अरब डॉलर रहा, जो Q4 2025 में 53 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर से कम है. यह सरप्लस Q1 में तिमाहीदरतिमाही 2.9 प्रतिशत और Q2 में 0.1 प्रतिशत घटा. नोमुरा ने कहा कि पोर्टफोलियो फ्लो की खराब स्थिति, FCNR इनफ्लो का कम होना और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को देखते हुए, भारत के बढ़ते करंट अकाउंट के लिए फंड जुटाना मुश्किल हो सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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