Gyanesh Kumar Case SC: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले सभी सदस्यों की सहमति के बिना लिए गए, जिस पर अब कोर्ट में सवाल उठाए गए हैं।

चुनाव आयोग में सर्वसम्मति से होने चाहिए फैसले
मंगलवार 29 सितंबर को सीनियर वकील विकास सिंह ने ये मामला CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने रखा। उन्होंने कहा कि कानून के तहत बहुसदस्यीय चुनाव आयोग में फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए। उन्होंने SIR समेत दूसरे फैसलों को लेकर भी यही सवाल उठाया। इसके बाद CJI ने मामले को अगले हफ्ते सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया।
SIR के फैसले पर भी सवाल
सीनियर वकील विकास सिंह ने दलील दी कि जिस तरह चुनाव आयोग ने काम किया, उससे ये सवाल उठता है कि SIR की पूरी प्रक्रिया को लेकर आयोग के स्तर पर औपचारिक फैसला हुआ था या नहीं। याचिका में इसी प्रक्रिया और आयोग के फैसलों की जांच की मांग की गई है।
2 चुनाव आयुक्तों ने दर्ज की थीं आपत्तियां
ये मामला चुनाव आयोग में दर्ज की गई आपत्तियों के बाद ज्यादा चर्चा में आया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 14 मौकों पर आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें SIR से जुड़े कुछ फैसले और मतदाता सूची से जुड़ी प्रोसेस शामिल थीं।
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25 सितंबर को दाखिल हुई थी याचिका
25 सितंबर को वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसमें CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, संबंधित फैसलों की जांच और आपत्तियों वाले फैसलों को निरस्त करने की मांग की गई। याचिका में स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।