भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत दोनों टीमों के लिए कई सवालों के बीच हो रही है। भारत ने पहले मुकाबले के लिए तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज को अंतिम 11 में जगह नहीं दी है। उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को शामिल किया गया है। दोनों गेंदबाज अपनी लंबाई और पिच पर तेज उछाल हासिल करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

भारतीय टीम में 3 ऑलराउंडर को भी जगह मिली है। इनमें बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा, मध्यम गति के गेंदबाज नीतीश कुमार रेड्डी और पदार्पण कर रहे ऑफ स्पिन गेंदबाज नमन धीर शामिल हैं। हालांकि, यशस्वी जायसवाल इस मुकाबले के लिए अंतिम 11 में जगह नहीं बना सके हैं।
भारत की बल्लेबाजी में कप्तान शुभमन गिल के साथ रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। रुतुराज गायकवाड़ और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी टीम का हिस्सा हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा संभालेंगे, जबकि तेज गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को मौका दिया गया है।
वेस्टइंडीज की टीम में भी एक अहम बदलाव देखने को मिला है। शेरफेन रदरफोर्ड निजी कारणों से पहले वनडे में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी अनुपस्थिति में 19 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ज्वेल एंड्रयू को टीम में शामिल किया गया है। एंड्रयू ने आखिरी बार एकदिवसीय मुकाबला एक साल से भी ज्यादा समय पहले खेला था। ऐसे में उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मौका है।
गौरतलब है कि दोनों टीमें इस सीरीजमें अपनी पिछली एकदिवसीय सीरीजहारने के बाद पहुंची हैं। वेस्टइंडीज को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि भारत को इंग्लैंड के दौरे पर सीरीजगंवानी पड़ी थी। भारत ने अपनी पिछली 3 एकदिवसीय श्रृंखलाओं में से 2 में हार झेली है और अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले टीम का मुख्य ढांचा तैयार करने पर ध्यान है।
वेस्टइंडीज के लिए 50 ओवर का क्रिकेट लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप में सीधे जगह बनाने से चूकने के बाद उसे क्वालीफायर मुकाबलों से गुजरना होगा। अगर टीम क्वालीफायर में सफल नहीं होती है तो लगातार दूसरी बार विश्व कप से बाहर रह सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, वेस्टइंडीज में आर्थिक कारणों से इस साल घरेलू स्तर पर 50 ओवर की लिस्टेड प्रतियोगिता भी आयोजित नहीं की गई है। इससे वहां इस प्रारूप के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने की चुनौती और बढ़ गई है। इसके बावजूद एकदिवसीय क्रिकेट को बचाए रखने की कोशिश जारी है।
भारत में इस प्रारूप को अब भी काफी पसंद किया जाता है, लेकिन टीम पिछले कुछ मुकाबलों में लगातार स्थिर संयोजन की तलाश में रही है। अगले साल के विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाना टीम प्रबंधन के लिए अहम है।
भारत की अंतिम 11 में रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ शामिल हैं। वेस्टइंडीज की टीम में जॉन कैंपबेल, जस्टिन ग्रीव्स, कीसी कार्टी, शाई होप, अमीर जंगू, ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, जायडेन सील्स और अल्जारी जोसेफ शामिल हैं।