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‘बोरी देख दारोगा बोला- इसमें गांजा’… जज के सामने खुल गई जौनपुर पुलिस की पोल, कहा- युवक को रिहा करो​

Jaunpur Police News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस के फिल्मी अंदाज में गांजा बरामद कर युवक को गिरफ्तार करने की कार्यशैली पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने पुलिस की फिल्मी कहानी और गिरफ्तारी मेमो को देखते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी को अवैध माना है. कोर्ट ने पुलिस को आरोपी की रिमांड देने […]

Jaunpur Police News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस के फिल्मी अंदाज में गांजा बरामद कर युवक को गिरफ्तार करने की कार्यशैली पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने पुलिस की फिल्मी कहानी और गिरफ्तारी मेमो को देखते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी को अवैध माना है. कोर्ट ने पुलिस को आरोपी की रिमांड देने से इनकार कर दिया. एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर अभियुक्त को रिहा करने के साथ ही कोर्ट ने 15 दिनों के अंदर इस पूरे मामले में जौनपुर पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई कर रिपोर्ट तलब की है.

दरअसल, जौनपुर की सरपतहां पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहती है. इस बार पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिया जिसे अदालत ने गलत बताते हुए फटकार लगाई है. पूरा मामला गैरवाह बड़का पुरवा का है. सोमवार की सुबह पुलिस ने 7 बजकर 45 मिनट पर इसी गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद सिंह के घर के पीछे जाकर फिल्मी अंदाज में लावारिस हालत में रखी गई एक प्लास्टिक की बोरी के अंदर 4 किलो 15 ग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया.

फिल्मी स्टाइल में छापा

सुबह सुबह घर पर पुलिस पहुंचते ही परिजन हैरान हो गए, लेकिन टीम को लीड कर रहे दारोगा ने कथित तौर पर पूछा कि तुम्हारा छप्पर कहां है, परिजनों ने जब बताया कि वो पुराने मकान पर है वहां लकड़ी वगैरह रखी जाती है कोई नहीं रहता. पुलिस छप्पर में पहुंचती है और वहां रखी एक बोरी को देखते ही बिना उसे खोले ही कह देती है कि इसमें गांजा है, थाने चलिए. आरोप है कि राजेंद्र सिंह का बड़ा बेटा अखिलेश सिंह पूजा कर रहा था.

घर पहुंचते ही पुलिस वालों ने उसे बुलाया और घर के पीछे बोरी में गांजा रखे होने की बात कहकर थाने चलने के लिए बोला. युवक और उसकी मां सहित परिवार के लोगों ने जब दारोगा से कहा कि ये बोरी हमारी नहीं है, किसी ने यहां लाकर रख दी होगी. वैसे भी हमारा परिवार तो यहां रहता भी नहीं है. एक बार बोरी तो खोलकर देख लीजिए इसमें क्या है? ऐसे कैसे पता चलेगा कि इसमें गांजा ही है.

पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस अखिलेश सिंह को बरामद गांजा के साथ लेकर थाने आ गई. इस दौरान पुलिस वाले परिवार से बोले कि थाने चलिए अभी छोड़ दिया जाएगा. आरोप है कि पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, बल्कि गांजा के आरोप में केस लगा दिया. पीड़ित का आरोप है कि गैरवाह इलाके में ही कई लोग बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी और बिक्री करते हैं. इसी गांव में लव सिंह नाम के व्यक्ति की ओर से गांजा खुलेआम बिचवाया जा रहा था.

जानें क्या है पूरा मामला

पीड़ित के भाई ने इसका वीडियो बना लिया था, जिसके बाद गांजा तस्करों से मिलकर पुलिस ने कथित तौर पर उसके घर के पीछे बोरी में गांजा रखवा कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया. खुलेआम गांजा बेचे जाने का वीडियो बनाने और वायरल होने के तीन दिन बाद भी सरपतहां पुलिस ने बेचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की. रातभर लॉकअप में पीड़ित के साथ ही लव सिंह को रखने के बाद उसके खिलाफ बिना केस दर्ज किए ही छोड़ दिया गया.

कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार

मंगलवार को फिल्मी अंदाज में गांजे की बरामदगी दिखाकर युवक को जेल भेजने के लिए न्यायालय लेकर पहुंची पुलिस को बड़ा झटका लग गया. कोर्ट ने पुलिस की फिल्मी कहानी को गंभीरता से लेते हुए अभियुक्त से जब पूछा तो उसने सारी हकीकत बता दी. इतना ही नहीं अभियुक्त ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी जब उसके घर पहुंचे थे, उस समय का वीडियो भी उसके बनाया गया था. गांजा बेचने वाले तस्करों से पुलिस की सांठगांठ है, इसलिए लव सिंह को रातभर लॉकअप में रखने के बाद छोड़ दिया गया.

कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया अवैध

मुझे जेल भेजने के लिए लेकर आए हैं. सबूत के रूप में अभियुक्त की ओर से जज के सामने मोबाइल से बनाए हुए वीडियो को भी पेश किया गया. वीडियो और गिरफ्तारी मेमो में पुलिस की कार्यशैली को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ/ विशेष न्यायाधीश रूपाली सक्सेना की अदालत ने रिमांड खारिज कर दिया. कोर्ट ने अभियुक्त की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इस पूरे मामले पर जौनपुर के एसपी से 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करके जवाब तलब किया है. साथ ही आरोपी को एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का कहा है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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