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ORF Foreign Policy Survey: भारतीय युवाओं ने किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पुरजोर समर्थन, मिडिल ईस्ट को माना देश का नया ‘ग्रोथ इंजन’

भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर देश के युवाओं की सोच में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव देखने को मिल रहा है। ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ORF) द्वारा जारी लेटेस्ट फॉरेन पॉलिसी सर्वे 2025 के अनुसार, युवा भारतीयों ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार के सख्त रुख और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भारी समर्थन किया है। इसके साथ ही, युवाओं ने मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) को भारत के भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक विकास (Strategic Growth) का सबसे बड़ा इंजन माना है।

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ORF Foreign Policy Survey: भारतीय युवाओं ने किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पुरजोर समर्थन, मिडिल ईस्ट को माना देश का नया ‘ग्रोथ इंजन’
ORF Foreign Policy Survey: भारतीय युवाओं ने किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पुरजोर समर्थन, मिडिल ईस्ट को माना देश का नया ‘ग्रोथ इंजन’

‘फॉरेन पॉलिसी सर्वे 2025: यंग इंडिया एंड द मिडिल ईस्ट’

नाम का यह व्यापक सर्वे देश के 19 प्रमुख शहरों में 8 अक्टूबर से 26 नवंबर, 2025 के बीच आयोजित किया गया था। इसमें 18 से 35 वर्ष के 5,000 से अधिक शहरी युवाओं की राय को शामिल किया गया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और आतंकवाद पर निर्णायक रुख को मिला समर्थन

सर्वे का सबसे प्रमुख और चौंकाने वाला नतीजा यह रहा कि युवा भारतीयों ने पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का पुरजोर समर्थन किया है। दरअसल, 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।

शहरी युवाओं का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर और दुनिया भर में चलाए गए ग्लोबल आउटरीच कैंपेन ने सीमा पार आतंकवाद को रोकने में असरदार भूमिका निभाई है। इसके अलावा, युवा इस हमले के बाद पाकिस्तान के साथ ‘सिंधु जल संधि’ को रोके रखने के सरकार के सख्त फैसले के साथ भी मजबूती से खड़े दिखे। युवाओं ने पाकिस्तान से होने वाले आतंकवाद और चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव को भारत की दो सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियां बताया है।

वैश्विक साझेदारी में बदलाव: रूस-जापान पर बढ़ा भरोसा, अमेरिका पिछड़ा

इस साल के सर्वे में भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को लेकर युवाओं के नजरिए में बड़ा फेरबदल देखा गया है। पिछले सर्वे एडिशंस में जहां यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) भारत के सबसे भरोसेमंद पार्टनर्स में टॉप पर रहता था, वहीं इस साल अमेरिका के लिए समर्थन में भारी गिरावट आई है। इसके विपरीत, युवा भारतीयों ने रूस और जापान को भारत का सबसे सच्चा और भरोसेमंद मित्र माना है। इसके साथ ही, युवाओं ने पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाले ग्लोबल सिस्टम के विकल्प के तौर पर ‘ब्रिक्स’ (BRICS) संगठन पर गहरा विश्वास जताया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को स्थायी सदस्यता देने की मांग का भी युवाओं ने समर्थन किया।

मिडिल ईस्ट बनेगा भारत की आर्थिक तरक्की का नया केंद्र

सर्वे के मुताबिक, भारत के आर्थिक लक्ष्यों में अब मिडिल ईस्ट की अहमियत काफी बढ़ गई है। भारतीय युवाओं का मानना है कि ‘IMEEC’ (इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) और ‘I2U2’ जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रियता इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। युवाओं ने मिडिल ईस्ट के शहरों को आर्थिक विकास और तकनीकी नवाचार (Technological Innovation) के तेजी से उभरते केंद्र के रूप में देखा है।

इस पूरे क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है। सर्वे के विशेष “UAE स्पॉटलाइट” सेक्शन के अनुसार, युवा भारतीयों ने भारत-UAE व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) और दोनों देशों के बीच करीबी आर्थिक सहयोग को भारत की खुशहाली के लिए गेम-चेंजर माना है।

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