Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 29 अगस्त से लापता युवक अतुल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. खतौली कोतवाली क्षेत्र के भैंसी गांव में मंगलवार को गन्ने के खेत से अतुल के शव के अवशेष बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई. पुलिस ने इस मामले में अतुल के दो दोस्तों सोनू और तालिब को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल की है.

पुलिस के अनुसार, अतुल 29 अगस्त की रात से लापता था. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी खतौली थाने में दर्ज कराई थी. परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे थे. खास बात यह रही कि अतुल के हत्यारोपी दोस्त भी उसके परिवार के साथ उसकी तलाश में शामिल रहे, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
दो आरोपी गिरफ्तार
अतुल की बरामदगी के लिए पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ रहा था. परिवार और गांव के करीब 5060 लोग कुछ दिन पहले एसएसपी कार्यालय भी पहुंचे थे. इसके बाद मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया. एसपी सिटी के नेतृत्व में SOG और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया. पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए राउंडअप किया. इसी दौरान अतुल के करीबी दोस्तों सोनू और तालिब पर शक गहराया. दोनों से गहन पूछताछ की गई तो पुलिस के मुताबिक, हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई.
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि अतुल सोनू की बहन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था. सोनू ने उसे कई बार ऐसा करने से मना किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया. इसके बाद 29 अगस्त की रात सोनू और तालिब ने अतुल को दोस्ती के बहाने घर से बुलाया और उसे जंगल की ओर ले गए.
गन्ने के खेत में मिला था शव
पुलिस के मुताबिक, वहां दोनों ने पहले अतुल का गला दबाया और फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में ठिकाने लगा दिया गया. मंगलवार को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खेत से शव के अवशेष बरामद किए. शव पूरी तरह बरामद नहीं हुआ है, लेकिन कपड़ों के आधार पर अतुल की पहचान की गई है. एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, आरोपी का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है.
आरोपियों ने कबूला जुर्म
एसएसपी ने यह भी बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए गांव के लोगों के साथ धरनाप्रदर्शन में भी शामिल हुए थे. वे मृतक के परिवार और ग्रामीणों के साथ अतुल की बरामदगी की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों से मिलने तक पहुंचे थे. पुलिस की गहन पूछताछ और सर्विलांस के जरिए आखिरकार दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आ गई. पुलिस का कहना है कि मामले में बरामद साक्ष्यों और आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर आगे की जांच जारी है.