उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के नाम एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ी है। केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. सूर्यकांत को ‘टीबी आईसीयू राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति’ का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

बता दें, यह समिति केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत काम करेगी। डॉ. सूर्यकांत की अध्यक्षता में यह समिति देश भर के मेडिकल कॉलेजों में गंभीर टीबी मरीजों के इलाज के लिए SOP और नई गाइडलाइन तैयार करेंगे। इस पहल से मेडिकल कॉलेजों में टीबी आईसीयू की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
टीबी मुक्त भारत मिशन में अहम योगदान
डॉ. सूर्यकांत को यह जिम्मेदारी टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने न केवल ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी के क्षेत्र में भारत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि व्यक्तिगत रूप से 500 से ज्यादा टीबी मरीजों को गोद लेकर उनका सफल उपचार भी कराया है।
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इस बड़ी उपलब्धि पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। डॉ. सूर्यकांत की विशेषज्ञता से देश को ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।





