भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजियों को लीग के दौरान संभावित हनी ट्रैप के खतरों को लेकर चेतावनी दी है। फ्रेंचाइजियों को भेजे गए एक पत्र में बीसीसीआई (BCCI) सचिव देवाजीत सैकिया ने उन परिस्थितियों को लेकर भी सावधान किया, जिनसे गंभीर आरोप लग सकते हैं, जिनमें यौन दुर्व्यवहार से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

देवाजीत सैकिया ने आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजियों से हर समय सतर्क रहने को कहा है। क्रिकबज की खबर के अनुसार, BCCI सचिव ने गुरुवार सात मई की शाम फ्रेंचाइजियों को सात पन्नों के दिशा-निर्देश वाला पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया, ‘‘BCCI सभी फ्रेंचाइजियों का ध्यान हाई-प्रोफाइल खेल माहौल में मौजूद टारगेटेड समझौते और हनी ट्रैप के खतरों की ओर दिलाना चाहता है।’’
दिशा-निर्देश के अनुसार, ‘‘ऐसी घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिनसे गंभीर कानूनी आरोप लग सकते हैं, जिनमें यौन दुर्व्यवहार से जुड़े कानूनों के तहत मामले भी शामिल हैं। आईपीएल फ्रेंचाइजी प्रबंधन को हर समय सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए ताकि ऐसे जोखिमों को कम किया जा सके।’’
देवाजीत सैकिया ने यह भी कहा कि टीम मैनेजर की पूर्व जानकारी और बिना मंजूरी किसी बाहरी व्यक्ति को IPL टीम के सदस्यों के होटल रूम में जाने की इजाजत नहीं होगी। BCCI ने खिलाड़ियों द्वारा सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर्स (SLOs) को बिना बताए बाहर जाने की घटनाओं पर भी ध्यान दिया है।
देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ निर्धारित सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर्स (SLOs) या टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर्स (TIOs) को जानकारी दिये बिना अनियमित समय पर टीम होटल से बाहर गए। इस तरह बाहर जाने से सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा होते हैं और संबंधित लोगों को ऐसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। यदि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी न होगी तो ऐसे खतरों को कम नहीं किया जा सकता।’’
BCCI को पता चला है कि कुछ टीम सदस्य अपना एक्रेडिटेशन कार्ड दिखाने में हिचकिचा रहे थे। इस पर देवाजीत सैकिया ने लिखा, ‘‘यह जानकारी मिली है कि कुछ टीम सदस्य अधिकृत सुरक्षा कर्मियों द्वारा मांगे जाने पर अपना एक्रेडिटेशन कार्ड दिखाने में अनिच्छा दिखा रहे हैं। यह व्यवहार अस्वीकार्य है और बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।’’
बीसीसीआई ने देखा है कि कुछ IPL फ्रेंचाइजी मालिक खिलाड़ी और मैच पदाधिकारी एक्सेस (PMOA) प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर BCCI ने मालिकों से कहा है कि मैच के दौरान वे डगआउट में खिलाड़ियों या मैनेजर से बातचीत न करें।
देवाजीत सैकिया ने दिशा-निर्देश में लिखा, ‘‘विशेष रूप से, ऐसे मामले देखे गए हैं जहां IPL फ्रेंचाइजी मालिक लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों और टीम सदस्यों से बात करने, उनके पास जाने, गले मिलने या शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश करते हैं। चाहे मंशा अच्छी हो, लेकिन यह स्थापित प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है और टीम के माहौल तथा मैच की प्रक्रिया में दखल माना जा सकता है।’’
हाल ही में ड्रेसिंग रूम में एक खिलाड़ी के वेपिंग करने का मामला सामने आया था। इस पर BCCI ने कड़ा रुख अपनाया है। देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के संज्ञान में ड्रेसिंग रूम और टूर्नामेंट के अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग की घटनाएं आई हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय कानून के तहत वेप और ई-सिगरेट का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। टूर्नामेंट परिसर में ऐसा करना न केवल बीसीसीआई और आईपीएल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लागू कानूनों के तहत संज्ञेय अपराध भी हो सकता है।’’
दिशा-निर्देश की खास बातें
- किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसकी पहचान, टीम सदस्य से संबंध या आने का उद्देश्य कुछ भी हो, खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक टीम मैनेजर की पूर्व जानकारी और स्पष्ट लिखित मंजूरी न हो।
- मेहमानों और आगंतुकों से केवल होटल के सार्वजनिक क्षेत्रों, जैसे लॉबी या रिसेप्शन लाउंज में ही मुलाकात की जाएगी। किसी भी मेहमान को निजी होटल रूम तक नहीं ले जाया जाएगा, जब तक टीम मैनेजर ने लिखित रूप से इसकी अनुमति न दी हो।
टीम होटल से बिना मंजूरी बाहर जाना
- सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को किसी भी समय टीम होटल से बाहर जाने से पहले SLO और/या TIO को जानकारी देनी होगी और उनकी मंजूरी लेनी होगी।
- होटल से बाहर जाने की किसी भी योजना (चाहे वह निजी, मनोरंजन या किसी अन्य उद्देश्य से हो) की जानकारी टीम मैनेजर और SLO को पहले से देनी होगी।
- SLO/TIO टीम की सभी आवाजाही का रिकॉर्ड रखेंगे, जिसे मांगने पर BCCI ऑपरेशंस टीम को उपलब्ध कराया जाएगा।
एक्रेडिटेशन कार्ड दिखाना अनिवार्य
- सभी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, टीम पदाधिकारी और IPL फ्रेंचाइजी प्रतिनिधि को स्टेडियम, टीम होटल और प्रैक्टिस सुविधाओं सहित सभी स्थानों पर अपना एक्रेडिटेशन कार्ड हमेशा स्पष्ट रूप से पहनना होगा।
- एक्रेडिटेशन कार्ड हमेशा साफ दिखाई देना चाहिए और अधिकृत सुरक्षा कर्मियों, BCCI पदाधिकारियों या IPL ऑपरेशंस स्टाफ द्वारा मांगे जाने पर बिना किसी हिचक या विरोध के दिखाना होगा।
- जो व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करेगा, उसे संबंधित स्थान में प्रवेश नहीं मिलेगा और घटना की जानकारी टीम मैनेजर तथा BCCI को दी जाएगी।
फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए PMOA प्रोटोकॉल का पालन
- आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिक और उनके प्रतिनिधि मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में खिलाड़ियों और टीम पदाधिकारियों से संपर्क या शारीरिक रूप से मिलने नहीं जा सकते, जब तक कि अधिकृत माध्यम से अनुमति न हो।
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में फ्रेंचाइजी मालिकों की पहुंच पूरी तरह पीएमओए (PMOA) प्रोटोकॉल के अनुसार होनी चाहिए। किसी भी उल्लंघन को गंभीर माना जाएगा।
- फ्रेंचाइजी प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी कि मैच से पहले मालिकों और उनके सहयोगियों को सभी नियमों की जानकारी दी जाए।
वेपिंग और प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल पर
सभी IPL स्थलों (जिनमें ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और प्रैक्टिस सुविधाएं शामिल हैं) में वेप, ई-सिगरेट और सभी प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। टीम प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को इस प्रतिबंध की स्पष्ट जानकारी हो और टूर्नामेंट के दौरान टीम परिसर में ऐसी कोई चीज न लाई जाए। वेपिंग और प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर लागू कानूनों के तहत संज्ञेय अपराध का मामला बन सकता है।
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टीम प्रबंधन की जिम्मेदारियां
BCCI ने कहा है कि टीम मैनेजर और/या फ्रेंचाइजी के अधिकृत व्यक्ति इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे।
टीम मैनेजर को जारी किये गए विशेष रूप से निर्देश
- अनिवार्य टीम ब्रीफिंग: इस एडवाइजरी के मिलने के 48 घंटे के भीतर सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की बैठक बुलाकर उन्हें इसकी जानकारी दें।
- लिखित स्वीकृति: हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ से लिखित रूप में यह पुष्टि लें कि उन्होंने निर्देश पढ़ और समझ लिए हैं।
- गेस्ट अप्रूवल सिस्टम: होटल में आने वाले सभी मेहमानों के लिए अनुमति प्रणाली लागू करें और हर मंजूर मेहमान का दैनिक रिकॉर्ड रखें।
- मूवमेंट लॉग: SLO/TIO के साथ मिलकर होटल से बाहर जाने और लौटने का रिकॉर्ड रखें।
- PMOA प्रोटोकॉल पालन: मैच से पहले फ्रेंचाइजी मालिकों और उनके सहयोगियों को PMOA और संबंधित नियमों की जानकारी दें और उनका पालन सुनिश्चित करें।
- रिपोर्टिंग जिम्मेदारी: इस एडवाइजरी के किसी भी उल्लंघन की जानकारी जल्द से जल्द IPL ऑपरेशंस डिवीजन को दें।





