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‘I Am Trapped’ से मौत तक… कब, कैसे और क्या हुआ? भोपाल के ट्विशा शर्मा केस की पूरी कहानी

Bhopal News: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पूर्व मिस पुणे, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल और ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ीं 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, लेकिन शादी के महज पांच महीने बाद, 12 मई 2026 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत से पहले सामने आए ट्विशा के वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम चैट्स में उन्होंने खुद को ससुराल में ‘फंसा हुआ’ बताया था और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे. इन चैट्स को कोर्ट ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना. कोर्ट ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद से वह फरार है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. आइए जानते हैं ट्विशा शर्मा केस का पूरा घटनाक्रम…

‘I Am Trapped’ से मौत तक… कब, कैसे और क्या हुआ? भोपाल के ट्विशा शर्मा केस की पूरी कहानी
‘I Am Trapped’ से मौत तक… कब, कैसे और क्या हुआ? भोपाल के ट्विशा शर्मा केस की पूरी कहानी

एक उभरते सितारे का अचानक खामोश हो जाना

यह कहानी है… 33 साल की की, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश के हाई-प्रोफाइल शहर नोएडा की रहने वाली थीं, बल्कि एक बेहद कामयाब और बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं. ट्विशा ने MBA की डिग्री हासिल की थी और कॉर्पोरेट जगत में मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में एक सफल करियर बना चुकी थीं. वे दिल्ली की एक जानी-मानी कंपनी में सालों तक कार्यरत रहीं, लेकिन की पहचान सिर्फ कॉर्पोरेट जगत तक सीमित नहीं थी.

फिल्मों में भी ट्विशा ने किया काम

वे कला और ग्लैमर की दुनिया से भी गहराई से जुड़ी थीं. पूर्व ‘मिस पुणे’ रह चुकीं ने मॉडलिंग के साथ-साथ एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा और दो फिल्मों ‘मुगुरू मोनागलालु’ (तेलुगु) और ‘जरा संभल के’ में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा. इसके अलावा, ट्विशा आंतरिक शांति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग थीं. यही वजह थी कि वे एक योगा ट्रेनर और विपश्यना मेडिटेशन से भी जुड़ी हुई थीं.

कौन जानता था कि कॉर्पोरेट, ग्लैमर और योग की दुनिया में इतनी सहजता से कदमताल करने वाली इस हंसती-खेलती लड़की का अंत भोपाल के एक पॉश इलाके में इस तरह होगा. डेटिंग ऐप से शुरू हुआ सफर, शादी और फिर… ट्विशा के जीवन में साल 2024 में एक नया मोड़ आया. एक नामचीन डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह से हुई. समर्थ पेशे से एक वकील हैं और उनका परिवार भोपाल के रसूखदार परिवारों में गिना जाता है. समर्थ की मां गिरिबाला सिंह, भोपाल की एक सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं.

दिसंबर 2025 में हुई थी शादी

चैट और मुलाकातों का सिलसिला आगे बढ़ा और दिसंबर 2025 में दोनों ने धूमधाम से शादी कर ली. शादी के बाद ट्विशा नोएडा और दिल्ली की अपनी जिंदगी छोड़कर भोपाल के कटारा हिल्स बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित अपने पति समर्थ के घर आ गईं, लेकिन शादी के कुछ ही वक्त बाद, वह खुशियां जो डेटिंग ऐप पर शुरू हुई थीं, मानो एक गहरे और खौफनाक दुःस्वप्न में तब्दील होने लगीं. शादी के महज 4-5 महीने बाद ही, यानी 12 मई 2026 की रात को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके से एक ऐसी खबर आई, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया. ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में फंदे से लटकता हुआ मिला.

17 अप्रैल 2026 को मौत से करीब एक महीने पहले ट्विशा को अपनी गर्भावस्था की जानकारी मिली थी. वह पति समर्थ के साथ हजेला अस्पताल गई थीं, जिसके मेडिकल रिकॉर्ड भी पुलिस के पास हैं. 12 मई की रात 10 बजकर 5 मिनट पर ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया. वह फोन पर रो रही थीं और उन्होंने बताया कि ससुराल वाले उन्हें बहुत प्रताड़ित कर रहे हैं. अभी बातचीत चल ही रही थी कि अचानक कमरे में पति समर्थ आ गया और फोन कट गया. कुछ ही मिनटों बाद ससुराल पक्ष की ओर से ट्विशा के मायके वालों को फोन जाता है कि ट्विशा ने फंदे से लटककर जान दे दी है.

ट्विशा के मोबाइल से 23 चैट स्क्रीनशॉट मिले

ससुराल वालों का कहना था कि ट्विशा ने घर की छत पर फांसी लगाई. आनन-फानन में उन्हें तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर लाया गया, जहां उन्हें सीपीआर देने की बात कही गई, लेकिन मायके पक्ष के वकील का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर नीचे लाया गया, ताकि यह सब CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो सके और इसे एक सामान्य हादसा या सुसाइड का रूप दिया जा सके. ट्विशा की मौत के बाद जब पुलिस ने और उनके परिवार ने उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले तो जो सच सामने आया उसने रोंगटे खड़े कर दिए. ट्विशा के मोबाइल से कुल 23 चैट स्क्रीनशॉट मिले, जो उन्होंने अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपने माता-पिता और सहेलियों को भेजे थे. ये चैट्स चीख-चीखकर बयां कर रहे थे कि वह किस कदर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से गुजर रही थीं.

मां को भेजे मैसेज में क्या लिखा था?

अपनी दोस्त मीनाक्षी को इंस्टाग्राम पर भेजे आखिरी संदेश में ट्विशा ने लिखा था, “मैं फंस गई हूं यार, तुम मत फंसना. ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर कॉल करूंगी.” वहीं अपनी मां को भेजे वॉयस नोट और मैसेज में उन्होंने घुटन और प्रताड़ना का जिक्र करते हुए कहा था, “मुझे बहुत ज्यादा घुटन हो रही है मां, क्यों भेजा मुझे यहां. ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे, मैं यहां पागल हो जाऊंगी. चैट में ट्विशा ने यह भी बताया था कि उनके पति समर्थ उनसे पूछते थे कि पेट में किसका बच्चा है, जिसके बाद कथित तौर पर उन पर गर्भपात का दबाव बनाया गया. उन्होंने अपनी मां से मिन्नत करते हुए लिखा था कि मुझे यहां से आकर ले जाओ और कहा था कि उनके पति यह कहते हैं कि वे एक साल से उन्हें झेल रहे हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि उनकी गलती क्या है?

ट्विशा का भाई भारतीय सेना में मेजर

ट्विशा शर्मा की मौत के बाद भोपाल से लेकर नोएडा तक हड़कंप मच गया. ट्विशा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं. परिवार का आरोप है कि चूंकि ट्विशा की सास एक रिटायर्ड जज हैं, इसलिए भोपाल पुलिस शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. परिवार के भारी दबाव के बाद पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया, लेकिन मामला तब और पेचीदा हो गया, जब जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे.

भोपाल एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई, लेकिन ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए. आत्महत्या में इस्तेमाल बताई जा रही ‘नायलॉन बेल्ट’ को पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस द्वारा पेश ही नहीं किया गया. अब उस बेल्ट को जांच के लिए एम्स भेजा गया है. वही इंसाफ न मिलता देख नोएडा से भोपाल पहुंचे ट्विशा के माता-पिता और मेजर भाई ने शव लेने से इनकार कर दिया और भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए.

जांच के लिए गठित की गई SIT

परिवार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से मिलकर दो प्रमुख मांगें रखीं. पहली- ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए, क्योंकि मध्य प्रदेश के जुडिशल और पुलिस सिस्टम पर आरोपी परिवार का गहरा प्रभाव है. इस पूरे मामले की अदालती सुनवाई किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर की जाए. बढ़ते जनाक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने आनन-फानन में 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. इस बीच ट्विशा का शव पिछले कई दिनों से भोपाल एम्स की मोर्चरी में रखा हुआ है और उसमें डीकंपोजिशन सड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, क्योंकि परिवार दोबारा निष्पक्ष पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ा है.

सास गिरिबाला सिंह को मिली जमानत

यह मामला भोपाल की जिला अदालत में पहुंचा, जहां एक तरफ सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई, वहीं आज सोमवार को दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर तीखी बहस हुई. अदालत के भीतर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर वार-पलटवार किए. सास गिरिबाला सिंह ने अपनी जमानत याचिका में दावा था किया कि ट्विशा को ड्रग्स की आदत थी. ड्रग्स न मिलने के कारण उनके हाथों में कंपन होता था, वे चिड़चिड़ी हो जाती थीं और मानसिक रूप से अस्थिर थीं.

भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के पास उनका इलाज और काउंसलिंग चल रही थी. समर्थ के वकील ने कहा कि ट्विशा बेहद खर्चीली थीं. दहेज का कोई मामला नहीं है, बल्कि ससुराल वाले उन्हें नियमित रूप से 5 हजार से 50 हजार रुपए तक ऑनलाइन ट्रांसफर करते थे, जिसके बैंक रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए गए. घटना वाले दिन भी ट्विशा पार्लर गई थीं और उन्होंने अमेजन से एक पार्सल मंगाया था, जो अब तक खुला नहीं है.

20 लाख दहेज के लिए बेटी की हत्या की- बोली मां

गर्भवती होने की बात पता चलने के बाद से ही वे अचानक नोएडा वापस जाने की जिद कर रही थीं और जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहती थीं. समर्थ के वकील ने सवाल उठाया, क्या ट्विशा को कोई ब्लैकमेल कर रहा था, अस्वाभाविक मृत्यु का कारण हम भी जानना चाहते हैं. वहीं ट्विशा की मां ने साफ आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या 20 लाख के दहेज के लिए की गई है. गर्भावस्था के दौरान भी ट्विशा के चरित्र पर लांछन लगाए जा रहे थे. वकील ने दलील दी कि चूंकि आरोपी पक्ष बेहद रसूखदार है, इसलिए पुलिस और गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है. घर पूरी तरह से उन्हीं के नियंत्रण में है, इसलिए जांच जारी रहने तक अग्रिम जमानत बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए.

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दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग

समर्थ के वकील ने जब कहा कि इस मामले का मीडिया ट्रायल हो रहा है और वे देश या विदेश में कहीं भी सेकंड पोस्टमार्टम कराने को तैयार हैं तो ट्विशा के वकील ने उनकी चैट जज के सम्मुख रख दी. दोनों पक्षों की लंबी और मैराथन दलीलें सुनने के बाद, दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत ने एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने मृतका ट्विशा शर्मा के उन वॉट्सऐप संदेशों और इंस्टाग्राम चैट को बेहद गंभीर माना, जिसमें उन्होंने लिखा था कि, “आई एम ट्रैप्ड, मैं फंस गई हूं और ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे मम्मी.”

ट्विशा को CPR देते दिखा पति समर्थ सिंह

ट्विशा शर्मा मामले में भोपाल पुलिस को एक अहम CCTV फुटेज भी मिला है, जिसमें ट्विशा अकेले घर की छत की ओर जाती दिखाई दे रही हैं. वीडियो में कैमरे की टाइमिंग शाम 7:20 बजे और तारीख 10 मई दर्ज है, जबकि घटना 11 मई की रात की बताई जा रही है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि कैमरे की तारीख और समय सही तरीके से सेट नहीं थे. फुटेज में ट्विशा के छत पर जाने के करीब 57 मिनट बाद कुछ लोग सीढ़ियों पर उन्हें CPR देते नजर आते हैं.

वीडियो के मुताबिक, करीब तीन मिनट तक उन्हें CPR दिया गया, जिसके बाद तीन पुरुष ट्विशा को उठाकर नीचे ले जाते दिखाई देते हैं. इनमें एक व्यक्ति उनके पति समर्थ बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी दो लोगों की पहचान और भूमिका की जांच पुलिस कर रही है. इस फुटेज को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है और इसके आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है.

समर्थ सिंह फरार, तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होते ही ट्विशा का पति समर्थ सिंह भूमिगत हो गया है. कानून का शिकंजा कसता देख समर्थ फरार है और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने फरार समर्थ सिंह पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है. फिलहाल यह केस आज भी कई अनसुलझे सवालों के घेरे में है, क्या वाकई एक होनहार कॉर्पोरेट प्रोफेशनल, योगा ट्रेनर और एक्ट्रेस ने ससुराल के टॉर्चर से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाया या फिर इस रसूखदार परिवार के बंद दरवाजों के पीछे कुछ ऐसा हुआ, जो पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और गायब नायलॉन बेल्ट की कड़ियों में छिपा है?

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