नेबुलाइज़र एक ऐसी मशीन है जिसका उपयोग दवाओं को सीधे फेफड़ों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। इसमें दवा को तरल रूप से भाप या महीन धुंध में बदल दिया जाता है, जिसे मरीज आसानी से सांस के जरिए अंदर ले सकता है। डॉक्टर इसे खासतौर पर उन लोगों के लिए सलाह देते हैं जिन्हें सांस लेने में परेशानी होती है, जैसे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) या अस्थमा की शिकायत होती है। जब सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है, तो नेबुलाइज़र के जरिए दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचकर मरीज को राहत दी जाती है। TaTa 1 mg और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में कंसल्टेंट डॉक्टर मेखाला चंद्रा ने बताया बदलते मौसम में जिन लोगों को सांस से जुड़ी समस्या ज्यादा होती है, उनके लिए भी नेबुलाइजर उपयोगी हो सकता है। बच्चों में भी डीकंजेशन यानी जाम छाती या नाक खोलने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

नेबुलाइजर किन लोगों के लिए उपयोगी है
- नेबुलाइजर थेरेपी उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होती है जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। ये थेरेपी खासतौर पर अस्थमा (Asthma) के मरीजों के लिए उपयोगी है। अस्थमा के मरीजों को जब सांस फूलता है या व्हीजिंग यानी सीटी जैसी आवाज आती है तो इस थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।
- सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) के मरीजों के लिए ये थेरेपी असरदार साबित होती है। क्रॉनिक लंग डिजीज में सांस लेने में राहत के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
बच्चे और बुजुर्ग जो इनहेलर का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते उनके लिए इस थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।
गंभीर सांस की समस्या वाले लोग जिन्हें गहरी सांस लेने में दिक्कत होती है उनके लिए भी इस थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।
सर्दी-जुकाम या छाती में जकड़न वाले मरीजों में डीकंजेशन यानी जाम खोलने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
फेफड़ों के संक्रमण (Lung infection) वाले मरीज –जैसे ब्रोंकाइटिस या निमोनिया में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
नेबुलाइजर कैसे करता है काम
नेबुलाइज़र दवा को तरल (liquid) रूप से बदलकर बहुत बारीक धुंध (मिस्ट) में बदल देता है, ताकि उसे सांस के जरिए सीधे फेफड़ों तक पहुंचाया जा सके।
नेबुलाइजर का इस्तेमाल कैसे होता है
नेबुलाइजर का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले दवा मेडिसिन कप में डाली जाती है।
दवा डालने पर मशीन का कंप्रेसर हवा का दबाव बनाता है। यह दबाव दवा को महीन धुंध में बदल देता है।
मरीज मास्क या माउथपीस के जरिए इस मिस्ट को सांस के साथ अंदर लेता है।
इस तरह दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचकर जल्दी असर करती है। सांस से जुड़ी बीमारियों में ये थेरेपी बेहद असरदार साबित होती है।
नेबुलाइजर इस्तेमाल करने का सही तरीका
नेबुलाइजर का उपयोग करते समय सबसे पहले हाथ साफ रखें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा को मेडिसिन कप में डालें और टॉप पीस को ठीक से लगाएं। इसके बाद मास्क या माउथपीस लगाएं और ट्यूब को मशीन से जोड़ दें।
मास्क को चेहरे पर ठीक से लगाएं या माउथपीस को मुंह में रखें, याद रखें कि दांतों से दबाएं नहीं, होंठों से सील करें। इसके बाद मशीन चालू करें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें, ताकि दवा धीरे-धीरे फेफड़ों तक पहुंच सके।
कितनी देर तक नेबुलाइजर करें
नेबुलाइज़र तब तक करें जब तक मेडिसिन कप में दवा पूरी तरह खत्म न हो जाए। इस दौरान कप को सीधा रखें, ताकि दवा सही तरीके से मिस्ट में बदल सके और आपको पूरा फायदा मिले।
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जरूरी सावधानियां
नेबुलाइजर का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह के अनुसार करें। मशीन के साथ दिए गए निर्देशों को ध्यान से फॉलो करना जरूरी है। अगर नेबुलाइजर सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया, तो दवा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर आप अपने डॉक्टर से बात करें।
डिस्क्लेमर : यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। नेबुलाइज़र का उपयोग, दवा की मात्रा और इसका कितनी बार इस्तेमाल करना है हर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें। बिना परामर्श के दवा या मशीन का उपयोग करना नुकसानदायक हो सकता है।





