मुश्किल समय में भारतीय निवेशक अक्सर सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से फिलहाल सोने की खरीद टालने की अपील की है, ताकि आयात कम हो और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव न बढ़े. इसी के साथ सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना बेहतर रहेगा या चांदी? खासकर तब, जब पिछले एक साल में चांदी ने सोने से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है.

पिछले एक साल में किसने दिया ज्यादा रिटर्न?
पिछले एक साल में सोने ने करीब 47% रिटर्न दिया, जबकि चांदी ने लगभग 147% का शानदार रिटर्न दिया है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए. सोना जहां सुरक्षित निवेश माना जाता है, वहीं चांदी को डेविल्स मेटल भी कहा जाता है क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है.
चांदी क्यों बनी निवेशकों की पसंद?
चांदी सिर्फ कीमती धातु ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में भी तेजी से बढ़ रही है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसकी मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत इंडस्ट्रियल मांग के चलते चांदी ने हाल के समय में सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है.
गोल्ड-सिल्वर रेशियो क्या कहता है?
गोल्ड-सिल्वर रेशियो (GSR) यह बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितनी चांदी चाहिए. 2026 की शुरुआत में यह रेशियो 107 था, जो अब घटकर 55 के आसपास आ गया है. इसका मतलब है कि हाल के महीनों में चांदी ने सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी दिखाई है. हालांकि एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि इतनी तेजी के बाद चांदी शॉर्ट टर्म में ओवरबॉट जोन में भी हो सकती है.
1 लाख रुपये कहां निवेश करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक निवेश पूरी तरह आपके रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है. सुरक्षित निवेश चाहने वाले लोग 70% सोने और 30% चांदी में निवेश कर सकते हैं. ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक 50% सोना और 50% चांदी का पोर्टफोलियो बना सकते हैं.
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पोर्टफोलियो में कितना हिस्सा रखें?
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कुल निवेश का 10-15% हिस्सा प्रेशियस मेटल्स में रखना सही माना जाता है. इसमें चांदी का हिस्सा 5-10% तक रखा जा सकता है.
क्या अभी सोना खरीदना सही है?
सोना अभी भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है क्योंकि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. वहीं चांदी में ज्यादा तेजी की संभावना है, लेकिन इसमें जोखिम भी ज्यादा है. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के लिए सोना स्थिरता देता है, जबकि चांदी तेज रिटर्न दे सकती है. इसलिए दोनों को मिलाकर निवेश करना ज्यादा समझदारी वाला कदम हो सकता है.





