लाखों श्रद्धालु जोखिम भरे पहाड़ी मार्गों से यात्रा करते हुए पवित्र गुफा में श्री अमरनाथ जी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। ज्यादा ऊंचाई के चलते सेहत की जांच जरूरी है और कुछ सावधानियां भी।

श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने से पहले अपनी सेहत और फिटनेस को लेकर आश्वस्त होना जरूरी है। हालांकि, यात्रा के लिए आयु संबंधी कुछ नियम तय किए गए हैं।

यात्रा के दौरान सेहत का ध्यान रखने के बारे में डॉ. मोनिका महाजन बताती हैं कि जिन्हें पहले से सेहत संबंधी परेशानी है या उम्र अधिक है, उन्हें ऐसी मुश्किलों भरी यात्रा से बचना चाहिए।

यात्रा शुरू करने से पहले चिकित्सक से मिलकर अपनी सेहत की सही स्थिति का आकलन करना आ श्यक है। आप अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर यात्रा के लिए पर्याप्त रूप से फिट हैं या नहीं, यह पहले तय होना चाहिए, ताकि यात्रा के दौरान परेशानी न हो।

अगर हार्ट, एंजाइना, किडनी या डायबिटीज जैसी समस्याएं हैं तो अपनी सेहत को लेकर अधिक सावधान होने की जरूरत है। अगर डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप फिट नहीं हैं, तो आप यात्रा करने से बचें।

किस तरह सेहत जांच है आवश्यक?

यात्रा पर जाने से पहले कुछ बेसिक रक्त जांचें और कार्डियक टेस्ट अवश्य करा लेना चाहिए। इसमें यह देखना जरूरी है कि कोई पैरामीटर सामान्य रेंज से आगेपीछे तो नहीं है। यह जांचना जरूरी है कि आप एनीमिक तो नहीं हैं, हीमोग्लोबिन का स्तर क्या है, कहीं शुगर तो नहीं बढ़ा हुआ है।

किडनी या हार्ट की फंक्शनिंग में कोई समस्या तो नहीं है। अगर पहले से सांस की समस्या या दमा है, तो वह कंट्रोल में है या नहीं, यह देखना जरूरी है। छोटी मोटी समस्या को सतर्कता और कुछ दवाओं के जरिये नियंत्रित किया जा सकता है। कोई बड़ी परेशानी हो रही है, तो पहले से ही सतर्क हो जाना चाहिए। सामान्य सेहत जांच और डॉक्टर सलाह पर ही कोई निर्णय करें।

फिटनेस सही रखने का अभ्यास

यात्रा की तैयारी में खुद को फिटनेस रखना भी शामिल है। आप नियमित एक्सरसाइज करके अपना फिटनेस लेवल को बढ़ाएं, क्योंकि इस तरह के अभ्यास से ऊंचे स्थानों पर चढ़ाई के दौरान आपको मुश्किलें कम आएंगी। अगर पहले से कोई व्यायाम नहीं करते या बहुत आरामतलब हैं, तो अचानक यात्रा आपके लिए मुसीबतें बढ़ा सकती है।

यात्रा पर जाने से अपने एनर्जी लेवल, खानपान, फिटनेस के स्तर पर सुधार करते रहना जरूरी है। भोजन में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए, ताकि आपकी मांसपेशियों मजबूत बन सकें। शरीर में एनर्जी रिजर्व इतना हो कि आप बेसिक लेवल फिटनेस पर पहुंच जाएं, ताकि यात्रा के दौरान परेशानी न हो।

बेसिक मेडिकल किट और दवाएं

यात्रा पर जाने से पहले बेसिक फर्स्ट एड किट तैयार करना समझदारी होगी। इसमें सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार, पेट खराब, एसिडिटी, उल्टी की आदि दवाएं रखें। इसके अलावा चक्कर आने, अधिक ऊंचाई पर होने वाली परेशानी से बचाने वाली दवा जैसे ‘डायमाक्स’ ले सकते हैं।

सभी दवाएं डॉक्टर की सलाह पर ही लें। इसी तरह अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर पल्मोनरी समस्याओं से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर कुछ दवाएं अपने साथ रख सकते हैं। कुछ खास तरह की दवाएं 10 हजार फिट से ऊपर की चढ़ाई के दौरान लेनी होती है, ताकि फेफड़े और दिमाग में सूजन की समस्या को रोका जा सके।

यात्रा के दौरान कटने, छिलने जैसी किसी समस्या से बचाव के लिए एंटीसेप्टिक क्रीम, पेनकिलर, मोच के लिए बैंडेज, सनस्क्रीन आदि रखना चाहिए। अगर आप नियमित रूप से किसी दवा का सेवन करते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श कर पर्याप्त दवाएं जरूर लें, ताकि रास्ते में दवा कम होने या गुम जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

हर स्तर पर रखें सतर्कता

यात्रा के दौरान हाइड्रेशन का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और खाने पीने में सतर्कता पर्याप्त होनी चाहिए। कुछ ऐसा न खाएं, जिससे परेशानी पैदा हो। ऊंचाई पर यात्रा के दौरान अगर सांस लेने की तकलीफ या छाती में जकड़न या भारीपन लगे, तो मेडिकल चेकप्वाइंट पर रुकें और इसकी जांच कराएं।

डॉक्टर अगर आक्सीजन लेवल को सही बताते हैं तभी यात्रा को जारी रखें अन्यथा वहीं से वापस हो जाएं। अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर दिमाग में सूजन होने से लड़खड़ाहट, चलने में परेशानी, उल्टी, धुंधलापन जैसे लक्षण होते हैं तो तुरंत मेडिकल टीम से मिलकर पर्याप्त उपचार कराएं। ध्यान रखें माइल्ड लक्षण तेजी से बढ़ते हैं और बड़ी मुसीबत का कारण बन सकते हैं।

अगर सेहत को लेकर पहले से योजना बनाकर और सतर्कता बढ़ाकर चलेंगे, तो यात्रा सहज और आनंददायक तरीके से पूर्ण हो सकेगी।