HealthViral

Global Day of Parents: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल से जुड़ी 7 जरूरी बातें जो हर बच्चे को जाननी चाहिए

Global Day of Parents: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल से जुड़ी 7 जरूरी बातें जो हर बच्चे को जाननी चाहिए

Global Day of Parents: हर साल 1 जून को Global Day of Parents मनाया जाता है. ये दिन दुनियाभर में माता-पिता के योगदान, त्याग और समर्पण को सम्मान देने का एक मौका होता है. क्योंकि माता-पिता जीवन की वो नींव होते हैं, जो बचपन से लेकर बड़े तक बच्चों का सहारा बनते हैं और उन्हें एक अच्छी जिदंगी देने में अपना सबकुछ त्याग देते हैं. माता-पिता तो वो होते हैं जो अपने बच्चों की फिक्र में खुद का भी ख्याल नहीं रख पाते हैं. ऐसे में बच्चों का फर्ज बनता है कि वो अपने पेरेंट्स का ध्यान रखें.

Global Day of Parents: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल से जुड़ी 7 जरूरी बातें जो हर बच्चे को जाननी चाहिए
Global Day of Parents: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल से जुड़ी 7 जरूरी बातें जो हर बच्चे को जाननी चाहिए

एक्सपर्ट का भी मानना है कि बढ़ती उम्र में माता-पिता को सिर्फ फिजिकल देखभाल ही नहीं बल्कि मेंटल सपोर्ट की भी बहुत जरूरत होती है. जो सिर्फ उनके बच्चे ही दे सकते हैं. Global Day of Parents के अवसर पर यह समझना जरूरी है कि माता-पिता की खुशहाल और सम्मानजनक जिंदगी के लिए किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए. आइए जानते हैं बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल से जुड़ी 7 ऐसी जरूरी बातें, जो हर बच्चे को पता होनी चाहिए.

उनकी सेहत को प्राथमिकता दें

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होना शुरु हो जाती है. ऐसे में समय-समय पर माता-पिता के हेल्थ चेकअप कराने चाहिए. उनकी दवाइयों का ध्यान रखना चाहिए और छोटी-सी स्वास्थ्य समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय रहते उपचार कई गंभीर परेशानियों से बचा सकता है.

उन्हें पर्याप्त समय दें

सिर्फ माता पिता का फिजिकली ध्यान रखना ही जरूरी नहीं है. उनके साथ समय बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि माता-पिता के लिए बच्चों का साथ किसी भी दवा से कम नहीं होता है. अपने बिजी शेड्यूल के बावजूद रोज कुछ समय उनके साथ बिताने, उनकी बातें सुनने और उनके अनुभवों को महत्व देने से उन्हें अपनापन महसूस होता है. यह उनके मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है.

भावनात्मक जरूरतों को समझें

उम्र बढ़ने के साथ कई बुजुर्ग अकेलेपन, असुरक्षा और उपेक्षा की भावना का सामना करते हैं. ऐसे में उनकी फीलिंग्स को समझना और उन्हें यह एहसास दिलाना जरूरी है कि वे परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. प्यार और सम्मान भरा व्यवहार उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने में मदद करता है.

आर्थिक सुरक्षा का ध्यान रखें

रिटायरमेंट के बाद या एक समय के बाद जब पेरेंट्स की इनकम खत्म हो जाती है, तो वो बच्चों पर ही डिपेंड हो जाते हैं. ऐसे में बच्चों की फर्ज बनता है कि अपने पेरंट्स की मेडिकल खर्चों और डेली नीड्स को समझना चाहिए. अगर यदि जरूरत हो तो उनकी आर्थिक योजना बनाने में मदद करें, ताकि उन्हें भविष्य को लेकर चिंता न सताए.

सामाजिक रूप से एक्टिव रहने के लिए प्रोत्साहित करें

एक समय के बाद जब बच्चे अपनी लाइफ में बिजी हो जाते हैं तो पेरेंट्स खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं. ऐसे में उन्हें सामाजिक रूप से एक्टिव करने के लिए प्रेरित करें. सोशल एक्टिविटी अकेलेपन को कम करने और मानसिक रूप से एक्टिव बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

Khabar Monkey

तकनीक से जोड़ने की कोशिश करें

आज के डिजिटल दौर में पेरेंट्स को भी तकनीक से जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए. ताकि उन्हें किसी पर डिपेंड न होना पड़े. माता-पिता को स्मार्टफोन, वीडियो कॉल, डिजिटल भुगतान और अन्य जरूरी ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग सिखाने से वे परिवार और दुनिया से जुड़े रह सकते हैं.

सम्मान और पेशेंस के साथ व्यवहार करें

बुजुर्ग माता-पिता की सोच, आदतें और जरूरतें युवा पीढ़ी से अलग हो सकती हैं. ऐसे में उनके साथ पेशेंस और सम्मान का व्यवहार करना बेहद जरूरी है. उनकी राय को महत्व देना, फैसलों में शामिल करना और उनकी गरिमा का सम्मान करना उन्हें खुश और संतुष्ट महसूस कराता है.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply