EChallan Scam Alert: भारत में डिजिटल दौर में हर काम ऑनलाइन करना बेहद आसान हो गया है। ऐसे में कई बार ईचालान भरने का मैसेज भी स्मार्टफोन में आ जाता है। ऐसे में कई बार ईचालान के नाम पर आ रहे फर्जी मैसेज और लिंक आ जाते हैं। ऐसे में कुछ लोग बिना सोचेसमझे लिंक पर तुरंत क्लिक कर देते हैं, फिर उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। ऐसे में अगर अनजान नंबर से कोई echallan का मैसेज आएं तो तुरंत क्लिक न करें। आइए जानते हैं कैसे करें असली और नकली मैसेज में पहचान?

किस तरह ई चालान के नाम पर होती ठगी?
1. आमतौर पर लोगों को यातायात नियम के उल्लंघन के बाद चालान आने का डर रहता है।
2. इस वजह से लोग असली या नकली चालान के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं। क्योंकि उनके मन में देरी के कारण ईचालान की कीमत बढ़ जाने का डर रहता है।
3. इस विषय पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय चेतावनी जारी कर चुका है कि ‘सावधान! अगर आपको ट्रैफिक चालान का लिंक मिलता है तो इन लिंक पर क्लिक न करें।
4. साथ ही ईचालान स्कैम में जालसाज ट्रैफिक पुलिस भारत में उपयोग होने वाले वैलिड ईचालान सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहें हैं।
ऐसे पहचाने असली और नकली मैसेज में अंतर
अगर आप ईचालान की नकली वेबसाइट पर क्लिक करते हैं तो आपके अकाउंट से जालसाज छेड़छाड़ कर सकतें हैं। ऐसे में मैसेज आते ही करें ये काम..
1. अगर echallan का मैसेज आता है तो सबसे पहले देखें मैसेज किस नंबर से आया है।
2. अगर मैसेज किसी पर्सनल नंबर से आया तो ये मैसेज फर्जी हो सकता है, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस चालान कभी पर्सनल नंबर से नहीं भेजते।
3. मैसेज में आए किसी भी प्रकार के फाइल, लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए न ही किसी अनजान वेबसाइट जिस पर ईचालान लिखा हो उस पर क्लिक नहीं करना हैं।
4. चालान का मैसेज असली है या नहीं इसे चेक करने के लिए eChallan की ऑफिशियल वेबसाइट ‘https://echallan.parivahan.gov.in/index/accusedchallan’ पर जाएं।
5. यहां आप अपना गाड़ी नंबर और मांगी गई जानकारी भरें, इसके बाद ओटीपी दर्ज कर आप चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी का सच में चालान कटा है और आया हुआ मैसेज सही है या नहीं।
6. अगर चालान दिखे तो आप वहीं से ऑनलाइन चालान की पेमेंट भर सकते हैं।