Blood Sugar Control: मौजूदा समय में डायबिटीज की समस्या बेहद आम हो गई हैं। भारत में तो इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आज हर उम्र के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चे भी इस बीमारी के साथ जन्म ले रहे हैं और ये आने वाली पीढ़ी और देश के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।

हालांकि सरकार इसकी रोकथाम के लिए लगातार प्रोग्राम और जागरुकता अभियान भी चला रही हैं। लेकिन आज भी डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को ये नहीं पता है कि उनके लिए सही आहार क्या है ? आज हम जानेंगे कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दूध और दही कितनी मात्रा में लेना चाहिए?
क्या डायबिटीज में दूध-दही खाना सेफ है?
ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होना
डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, (Diabetes Diet) दूध और दही का सेवन सकते हैं। लेकिन सही मात्रा, सही समय का चुनाव बहुत ज़रूरी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि, दूध और दही दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता हैं इसलिए ये ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाते।
–
दूध और दही खाने का क्या है सही तरीका?
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स बताते है कि, खाने का समय और कितनी मात्रा में सेवन करने का सही तरीका भी पता होना चाहिए। ये दोनों ही चीजें डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं, क्योंकि ये रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, पेट के अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करते हैं, और भूख नियंत्रित करने में मददगार हैं।
कब करना चाहिए दही का सेवन?
आयुर्वेद के अनुसार, दही का सेवन आयुर्वेद के अनुसार दिन के समय करना चाहिए. दही में भी किसी तरह का मीठा न डालें, बल्कि उसमें भुना हुआ जीरा और काला नमक डालकर सेवन करें। दिनभर में एक कटोरी दही का सेवन कर सकते हैं।





