वेंकट कृष्णा बी। महेंद्र सिंह धोनी (एमएस धोनी) की पिंडली में चोट है। उन्होंने वापसी की जल्दबाजी नहीं की है। इसकी एक वजह यह है कि चेन्नई सुपर किंग्स 44 साल के धोनी को संभलकर इस्तेमाल करना चाहती है, लेकिन टीम के अंदर के लोगों का कहना है कि दूसरी वजह कार्तिक शर्मा भी हैं, जिन्होंने चयन को मुश्किल बना दिया है।

कुछ समय पहले तक कोच युवा खिलाड़ियों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। पिछले सीजन जब चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी बाकी टीमों से पीछे रह गई थी, तब फ्लेमिंग का कहना था कि युवा खिलाड़ियों का ‘सैंपल साइज’ अभी छोटा है, लेकिन कुछ हफ्तों बाद उनकी सोच बदल गई। अभिषेक शर्मा, प्रियांश आर्या और वैभव सूर्यवंशी के अलावा भी कई युवा खिलाड़ी सामने आये। उन्हीं में से एक कार्तिक शर्मा हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स के स्काउट्स ने उन्हें सीजन के बीच में देखा और डेवलपमेंट प्लेयर के तौर पर टीम से जोड़ लिया। वह नीलामी के लिए उपलब्ध नहीं थे, लेकिन उनकी प्रतिभा इतनी खास थी कि टीम उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाई। अब एक साल बाद वही फैसला बेहद समझदारी भरा दिख रहा है।
भरतपुर के रहने वाले हैं कार्तिक शर्मा
19 साल के कार्तिक शर्मा राजस्थान के भरतपुर से आते हैं। वह बहुत लंबे-चौड़े नहीं हैं, लेकिन उनके पास गेंद को ताकत से दूर तक मारने का खास हुनर है। जयपुर के बाहर हाथोद स्थित अरावली क्रिकेट अकादमी में उन्होंने दिवंगत कोच विवेक यादव के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग ली। कोचों ने जल्दी समझ लिया था कि कार्तिक गेंद को लंबा हिट कर सकते हैं।
रोज खेलते थे 500 से 700 गेंदें
इसके बाद उनकी ट्रेनिंग का सबसे बड़ा हिस्सा ‘रेंज हिटिंग’ बन गया। कई दिनों तक वह मशीन से 500 से 700 गेंदें (तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों के खिलाफ) खेलते थे। हर बार लक्ष्य सिर्फ एक होता था, जितनी ज्यादा गेंदें हो सकें, उन्हें मैदान के बाहर भेजना। उनके पिता ने भरतपुर में घर पर भी बॉल मशीन लगवा दी, ताकि अकादमी से लौटने के बाद भी अभ्यास जारी रह सके। अरावली अकादमी के हेड कोच जगसिमरन सिंह कहते हैं, उसके दिमाग में पूरी स्पष्टता है कि उसे क्या करना है। छक्के मारना है।’’
ने इसी खासियत पर कार्तिक शर्मा पर 14.2 करोड़ रुपये का दांव लगाया। टीम को पता था कि इतनी बड़ी कीमत अपने साथ दबाव भी लाएगी इसलिए उसने कार्तिक को धीरे-धीरे तैयार किया। ऑस्ट्रेलिया के मानसिक कौशल विशेषज्ञ डेविड रीड ने मैदान के बाहर उनकी मदद की। उन्हें सांस नियंत्रित करने, घबराहट संभालने और हजारों दर्शकों के सामने खुद को शांत रखने की ट्रेनिंग दी गई।
मानसिक तैयारी बहुत जरूरी: फ्लेमिंग
स्टीफेन फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘मानसिक तैयारी बहुत जरूरी है। जब आप किसी खिलाड़ी को 35 हजार, 50 हजार या एक लाख लोगों के सामने भेजते हैं तो वह माहौल बहुत दबाव वाला होता है। खिलाड़ी नेट्स में गेंद अच्छी तरह मार लेते हैं, लेकिन घबराहट, डर और असफलता के दबाव को समझना भी उतना ही जरूरी है, खासकर जब आपके ऊपर बड़ी कीमत का टैग लगा हो।’’
सिर्फ डेविड रीड ही नहीं, एमएस धोनी ने भी कार्तिक शर्मा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। जिस तरह एमएस धोनी ने शिवम दुबे को छक्के लगाने वाला फिनिशर बनाया था, उसी तरह कार्तिक के लिए भी खास योजना बनाई गई। नेट्स में उन्हें धोनी के साथ अभ्यास कराया गया।
मैच जैसी परिस्थितियां बनाई जाती थीं, जहां उन्हें बताया जाता था कि किस गेंद पर हमला करना है, किन गेंदबाजों को निशाना बनाना है। मैदान के कौन से हिस्सों में रन निकालने हैं। एमएस धोनी खुद पास खड़े होकर उन्हें समझाते थे। शुरुआत में चेन्नई सुपर किंग्स उन्हें फिनिशर के रूप में इस्तेमाल करना चाहती थी, लेकिन शुरुआती संघर्ष के बाद टीम ने उन्हें नंबर-4 पर भेजना शुरू किया, जहां वह राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे थे।
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गुवाहाटी में आईपीएल डेब्यू
उनका डेब्यू गुवाहाटी की तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर हुआ, जहां उन्होंने 15 गेंद में 18 रन बनाए। इसके बाद पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ वह प्रभाव नहीं छोड़ सके और टीम से बाहर कर दिए गए, लेकिन घरेलू क्रिकेट में राजस्थान के लिए नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए उनकी छक्के मारने की क्षमता ने केविन पीटरसन तक को सोशल मीडिया पर पूछने पर मजबूर कर दिया था, ‘‘ये खिलाड़ी कौन है?’’
चेन्नई सुपर किंग्स उन्हें ऑक्शन से पहले से देख रही थी। टीम को पता था कि उनमें क्षमता है, लेकिन उन्हें समय चाहिए। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में जब उनकी वापसी हुई तो CSK ने उन्हें नंबर-4 पर उतारा। मुंबई के खिलाफ के साथ और के खिलाफ संजू सैमसन के साथ उन्होंने दबाव में बल्लेबाजी की।
, अपनी पसंदीदा गेंदों का इंतजार किया और सही समय पर बड़े शॉट लगाए और नाबाद 54 रन और नाबाद 41 रन की पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाई। बल्लेबाजी कोच माइक हसी मानते हैं कि कार्तिक शर्मा आने वाले कई वर्षों तक CSK के लिए खेल सकते हैं।
ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि वह अगले 5-10 साल तक CSK का हिस्सा रहेंगे। पिछले कुछ मैचों में उन्होंने दिखाया है कि अब उन्हें खुद पर भरोसा होने लगा है कि वह इस स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में उनका कोई बड़ा प्रदर्शन उन्हें और आत्मविश्वास देगा।’’
और फिलहाल फॉर्म तलाश रहे हैं और टीम के सामने मुश्किल मुकाबले हैं। ऐसे में CSK को कार्तिक शर्मा के अच्छे प्रदर्शन की जरूरत है, इसलिए फिलहाल धोनी की वापसी का इंतजार किया जा सकता है।
संजय मांजरेकर ने कहा कि केएल राहुल की 12 गेंद में 12 रन की धीमी पारी ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की हार की नींव रख दी। चेन्नई सुपर किंग्स से मिली हार के बाद संजय मांजरेकर ने केएल राहुल के पावरप्ले अप्रोच पर सवाल उठाए।





