Coconut For Health: नारियल पानी में मौजूद नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट इसे हेल्दी ड्रिंक बनाता है। इसे नेचुरल एनर्जी ड्रिंक और गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाली ड्रिंक माना जाता है। लोग इसे ताजगी और हाइड्रेशन के लिए पीते हैं और इसे हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद समझा जाता है।

नारियल पानी में मिनरल्स जैसे पोटैशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पोटैशियम दिल की धड़कन को नियमित करता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे स्वास्थ्य के लिए नेचुरल टॉनिक मानते हैं।
किन लोगों को नारियल पानी से हो सकता है नुकसान
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डायबिटीज पेशेंट (Coconut Water For Diabetes Patient)
नारियल पानी में नेचुरल शुगर पाया जाता है। 200 ग्राम कोकोनट वॉटर में लगभग 6-7 ग्राम शुगर होता है। हालांकि अन्य फलों में पाए जाने वाली शुगर की मात्रा से यह कम है, लेकिन नारियल पानी शुगर लेवल बढ़ाता है। ऐसे में यदि आप रोजाना या फिर अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो यह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
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दिल की बीमारी (Coconut For Heart Health)
दिल की बीमारी वाले लोग रोजाना 200-250 मिलीलीटर नारियल पानी सुरक्षित रूप से पी सकते हैं। इसे खाली पेट लेने से बचें और दिनभर में छोटे-छोटे हिस्सों में लें। इसके साथ ही अगर आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो नारियल पानी लेने से पहले अपने कार्डियोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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एलर्जी
हालांकि नारियल से होने वाली एलर्जी काफी कम लोगों में देखी जाती है। नारियल पानी या नारियल से बने उत्पाद खाने के तुरंत बाद खुजली, पित्ती, सूजन और त्वचा का लाल होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ज़्यादा गंभीर मामलों में, लोगों को साँस लेने में दिक्कत, पेट की समस्या या यहाँ तक कि एनाफिलेक्सिस भी हो सकता है।
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एशिया पैसिफिक एलर्जी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नारियल से एलर्जी वाले लगभग 90% बच्चों में त्वचा से जुड़े लक्षण दिखे, जबकि लगभग 10% बच्चों में एनाफिलेक्सिस की समस्या हुई, जिसमें शरीर के कई अंग प्रभावित हुए।
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किडनी की समस्या (Coconut Water For Kidney)
कोकोनट वॉटर में मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स इसे डिहाइड्रेशन और हार्ट हेल्थ के लिए बेहतर बनाते हैं, लेकिन जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उसके लिए पोटैशियम कंज्यूम करना खतरनाक हो सकता है। जब किडनी पोटैशियम को ठीक से फ़िल्टर नहीं कर पातीं, तो यह खून में जमा होने लगता है, जिससे हाइपरकेलेमिया हो जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे मांसपेशियों में कमज़ोरी, जी मिचलाना और धड़कनों का तेज होने शामिल है। ऐसे में अपने नेफ़्रोलॉजिस्ट से सलाह लेने के बाद ही नारियल पानी पिएं।
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सर्दी-जुकाम
आयुर्वेद में, नारियल पानी को शरीर पर स्वाभाविक रूप से ठंडक देने वाला माना जाता है। जहाँ यह गर्म मौसम या गर्मियों के दौरान फायदेमंद होता है, वहीं अगर आप के दौरान इसे पीते हैं, तो यह नुकसानदायक हो जाता है। पहले से ही नाक बंद या गले में जलन जैसे लक्षण दिखें, तो नारियल पानी पीने से आपकी स्थिति और बिगड़ सकती है।
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हाई ब्लड प्रेशर (Coconut Water For High Blood Pressure)
नारियल पानी को अक्सर दिल के लिए फायदेमंद ड्रिंक के माना जाता है, क्योंकि इसमें अधिक होती है। यह सोडियम के असर को कम करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। हालाँकि, यही फ़ायदा उन लोगों के लिए एक रिस्क बन सकता है, जो ब्लड प्रेशर की दवाइयां ले रहे हैं, खासकर ACE इनहिबिटर या ड्यूरेटिक्स।
ये दवाएँ पहले से ही शरीर में पोटैशियम को बनाए रखने में मदद करती हैं, और इसके ऊपर से नारियल पानी पीने से पोटैशियम का लेवल बहुत ज़्यादा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति को हाइपरकेलेमिया कहते हैं।





