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Cockroach Milk Nutrients: गाय-भैंस का दूध छोड़िए…रेड मीट से भी कई गुना ताकतवर कॉकरोच मिल्क! इतना होता है प्रोटीन

कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चाएं तो खूब हो रही हैं, लेकिन क्या आप कॉकरोच मिल्क के बारे में जानते हैं. इससे ब्रेड तक बनाई जाती हैं. भले ही भारतीय घरों में कॉकरोच को बीमारियों की जड़ माना जाता है, क्योंकि ये गंदी जगहों पर रहकर बैक्टीरिया फैलाते हैं. फिलहाल हम बात कर रहे हैं ऐसे कॉकरोच की जो प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स होते हैं और इससे बनने वाले मिल्क में कई तरह के ऐसे न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं जो गाय-भैंस के दूध में भी नहीं होते हैं.

Cockroach Milk Nutrients: गाय-भैंस का दूध छोड़िए…रेड मीट से भी कई गुना ताकतवर कॉकरोच मिल्क! इतना होता है प्रोटीन
Cockroach Milk Nutrients: गाय-भैंस का दूध छोड़िए…रेड मीट से भी कई गुना ताकतवर कॉकरोच मिल्क! इतना होता है प्रोटीन

खाने को लेकर हर जगह का अपना एक अलग कल्चर होता है तो वहीं पोषक तत्वों की जानकारी को लेकर कई चीजों पर रिसर्च होती रहती है. कुछ कॉकरोच प्रजातियों को खाने लायक भी माना जाता है. इससे आटा से लेकर मिल्क तक तैयार किया जाता है जो कई पोषक तत्वों का खजाना होता है. तो चलिए जान लेते हैं इस बारे में.

कॉकरोच मिल्क में है ज्यादा पोषण

के मुताबिक, दूध की पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत होते है और इसलिए ज्यादातर लोग गाय या फिर भैंस के दूध को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. दरअसल दूध में कई बायोएक्टिव घटक पाए जाते हैं जो शारीरिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने में मदद करते हैं. एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि तिलचट्टे की प्रजाति डिप्लोप्टेरा फंकटाटा से प्राप्त दूध में पारंपरिक स्तनधारी जानवरों के दूध की तुलना में अधिक पोषण क्षमता होती है.

गाय-भैंस से ज्यादा पोषण

में कई पोषक तत्व गाय और भैंस के दूध से ज्यादा होते हैं. ये ओलिक एसिड, संयुग्मित लिनोलिक एसिड, ओमेगा-3 फैटी एसिड से लेकर विटामिन और खनिज जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समृद्ध भंडार होता है. डी. फंक्टाटा तिलचट्टे की एक प्रजाति है जो जीवित संतान को जन्म देने के लिए जानी जाती है. इसमें प्रोटीन क्रिस्टल युक्त पदार्थ के रूप में दूध प्रोड्यूस करने की क्षमता होती है. इसमें प्रोटीन में ऊर्जा भंडार होता है. यह भैंस और अन्य स्तनधारियों के दूध से मिलने वाली एनर्जी से तीन गुना या 37% प्रतिशत अधिक है.

Image:Pexels

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क्या कहती है रिसर्च?

में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि तिलचट्टों की एक अन्य प्रजाति, नौफोएटा सिनेरिया से बने आटे में गेहूं के आटे की तुलना में कहीं अधिक प्रोटीन होता है. इस ‘कीट के आटे’ में आठ आवश्यक अमीनो अम्ल और ओमेगा-9 फैटी एसिड की काफी ज्यादा मात्रा पाई जाती है.

क्या मीट से है बेहतर?

अगर हम बात करें प्रोटीन की तो के मुताबिक, 100 ग्राम रोस्टेड मटन में 27.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. वहीं अगर हम इसकी तुलना करें तो कॉकरोच प्रोटीन के मामले में ज्यादा बेहतर हो सकता है. दरअसल रेड मीट में 50 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन का होता है तो वहीं कॉकरोच में 70 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है और इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा का भी फर्क है.

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