Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य के अनुसार श्रेष्ठ लीडर बनने के लिए आपके अंदर कुछ गुण अवश्य होने चाहिए। जैसे एक अच्छे लीडर को अपनी टीम का सम्मान प्राप्त करने के लिए हमेशा अनुशासित होना चाहिए क्योंकि अगर लीडर ही अनुशासित नहीं होगा तो टीम के बाकी सदस्य भी अनुशासनहीन होंगे। इसी तरह दो और गुण भी हैं जो आपको अच्छा लीडर बनाते हैं और आपने नाम का लोहा ऑफिस में हर कोई मानता है। आइए विस्तार से जानते हैं इन गुणों के बारे में।

अनुशासन
आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे लीडर को हमेशा अनुशासित और आत्म नियंत्रित होना चाहिए। आप अपने अधीनस्थ लोगों को तभी अनुशासन में रहने की सीख दे सकते हैं जब आप भी अनुशासित हों। आपको टीम के बीच अपनी भावनाओं को लेकर भी अनुशासित रहना चाहिए। भावनाओं में बहकर बुरे शब्दों का इस्तेमाल करना या आपा खो देना भी अनुशासनहीनता ही मानी जाती है। वहीं जो व्यक्ति हमेशा अनुशासित रहता है उसको टीम के लोगों से हमेशा सम्मान मिलता है।
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सबको साथ लेकर चलने का हुनर
चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति सबको साथ लेकर चलता है और हमेशा निष्पक्ष रहता है उसको सफल लीडर माना जाता है। वहीं अगर लीडर टीम के लोगों के बीच भेदभाव करता है, किसी को ज्यादा तो किसी को कम सम्मान देता है तो टीम के बीच उसकी छवि खराब होती है। इसकी वजह से टीम के अंदर असंतोष की भावना फैलती है और काम पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए निष्पक्ष और सबको साथ लेकर चलना एक सफल लीडर की पहचान है।
हमेशा सीखते रहने का हुनर
जो व्यक्ति हमेशा कुछ न कुछ नया सीखता रहता है वो दूसरों का भी सही मार्गदर्शन करता है। इसलिए एक सफल लीडर में भी चाणक्य इस गुण का मौजूद होना अनिवार्य मानते हैं। हमेशा कुछ सीखते रहने से आपको टीम का मार्गदर्शन करने के साथ ही नई रणनीति बनाने में भी मदद मिलती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)





