CBSE New Chairman Appointment: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को नया अध्यक्ष मिल गया है।

2001 बैच के कैडर के अधिकारी मंदीप के भंडारी को CBSE चेयरमैन नियुक्त किया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 25 सितंबर को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
इस पद को अस्थायी रूप से अतिरिक्त सचिव स्तर के पद और वेतन के बराबर रखा गया है।
मंदीप भंडारी प्रशासनिक क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे जम्मूकश्मीर और केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं।
डॉक्टर से IAS तक मंदीप का सफर
IAS बनने से पहले मंदीप भंडारी ने मेडिकल की पढ़ाई की थी। उन्होंने लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री स्वर्ण पदक के साथ हासिल की।
प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने लेह के उपायुक्त, जम्मू के उपायुक्त और जम्मू संभाग के आयुक्त जैसे पदों पर काम किया।
इसके अलावा वे श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जम्मूकश्मीर के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
केंद्र सरकार में भी संभाली जिम्मेदारियां
मंदीप भंडारी ने केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे 2018 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के निजी सचिव रहे। इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्य किया।
CBSE अध्यक्ष बनने से पहले वे जम्मूकश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव और अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के CEO के रूप में कार्यरत थे।
मूल्यांकन विवाद के बीच संभाली जिम्मेदारी
मंदीप भंडारी ऐसे समय में CBSE की कमान संभाल रहे हैं, जब बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। 2026 में CBSE ने कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पहली बार बड़े स्तर पर ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया था।
इस प्रक्रिया के बाद कुछ छात्रों ने स्कैन कॉपी में धुंधले पेज, पेज मिसिंग और अन्य तकनीकी समस्याओं की शिकायतें की थीं। इसके बाद सरकार ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की थी।
CBSE ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा था कि कुछ शिकायतें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं।
नए अध्यक्ष के सामने होंगी चुनौतियां
CBSE अब नए शैक्षणिक सत्र और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटा है। नए अध्यक्ष के सामने परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखना और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से लागू करना प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।