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Bhanu Saptami 2026: कल है अधिक मास की भानु सप्तमी, कर लें ये खास उपाय, मिलेगा लंबी आयु-आरोग्य और भाग्य का साथ

Bhanu Saptami 2026: कल है अधिक मास की भानु सप्तमी, कर लें ये खास उपाय, मिलेगा लंबी आयु-आरोग्य और भाग्य का साथ

Adhik Maas Bhanu Saptami Upay: 7 जून 2026, यानी की कल भानु सप्तमी मनायी जाएगी। सप्तमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है, विशेषकर तब, जब यह रविवार के दिन पड़ रही हो। इसे रवि सप्तमी या विवस्वत सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन दोपहर के समय सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। सूर्यदेव की यह पूजा आयु और आरोग्य, धन-धान्य में वृद्धि कराने वाली मानी गई है।7 जून 2026, भानु सप्तमी का दिन बड़ा ही शुभ है। जानिए इस दिन कौन-से खास उपाय करके आप जीवन को एक बेहतर दिशा दे सकते हैं।

Bhanu Saptami 2026: कल है अधिक मास की भानु सप्तमी, कर लें ये खास उपाय, मिलेगा लंबी आयु-आरोग्य और भाग्य का साथ
Bhanu Saptami 2026: कल है अधिक मास की भानु सप्तमी, कर लें ये खास उपाय, मिलेगा लंबी आयु-आरोग्य और भाग्य का साथ

लंबी आयु के लिए उपाय

लंबी आयु की कामना है और अपने आपको आरोग्य रखना चाहते हैं तो भानु सप्तमी के दिन सूर्यदेव के सामने भूमि पर बैठकर भगवान की गन्ध आदि से पूजा करें। इसके बाद अपनी लंबी उम्र के की प्रार्थना करनी चाहिए।

पढ़ाई-लिखाई में सुधार के लिए उपाय

अगर आप पढ़ाई-लिखाई में कुछ कमजोर हैं और अपनी विद्या की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तो भानु सप्तमी के दिन आपको साफ कपड़े पहनकर दोपहर के समय सूर्यदेव के मंत्र का 31 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।

संतान की उन्नति के लिए उपाय

अगर आप अपनी संतान के भविष्य को लेकर, उसकी एजुकेशन को लेकर परेशान रहते हैं तो भानु सप्तमी के दिन आपको हाथ में लाल पुष्प लेकर सूर्यदेव को अर्पित करने चाहिए। इसके बाद सूर्यदेव के मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्याय श्रीं नमः।

दाम्पत्य सुख के लिए उपाय

अगर आपके दाम्पत्य रिश्ते की ऊष्मा कुछ कम हो गई है और आप उसे बरकरार रखना चाहते हैं तो भानु सप्तमी पर मीठे चावल बनाएं। बनाने के बाद चावलों को एक बर्तन में डालकर, ढक्कर कुछ देर के लिये सूर्यदेव के प्रकाश में रखना चाहिए। उसके बाद उन्हें किसी मन्दिर में या किसी पुजारी को दान देना चाहिए।

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मित्रता मजबूत करने का उपाय

आप अपने मित्रों के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं, तो भानु सप्तमी के दिन एक शंख में जल लें। साथ ही उसमें थोड़ी-सी रोली और अक्षत डालें। अब इस जल से आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दीजिये।

समृद्धि के लिए उपाय

आप घर-परिवार की समृद्धि में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो भानु सप्तमी के दिन एक सफेद रंग का साफ कपड़े में एक मुट्ठी चावल बांधकर पोटली बना लें। दोपहर के समय सूर्यदेव की रोशनी में उस पोटली को रख दें।  20 मिनट बाद उसे वहां से उठा लें और अपने पास संभालकर रखें या तिजोरी आदि में रख लें।

स्वास्थ्य लाभ के लिए उपाय

अगर आपका स्वास्थ्य कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा है तो इसे बेहतर करने के लिए भानु सप्तमी के दिन जितना संभव हो सूरज की रोशनी में समय बिताएं। साथ ही अपने घर के खिड़की और दरवाजे भी खोलकर रखने चाहिए।

दुखों से मुक्ति का उपाय

अगर आप जीवन में कभी भी कोई दुःख, परेशानी नहीं देखना चाहते हैं और चाहते हैं कि जीवन में जो परेशानियां चल रही हैं, वो भी जल्द ही दूर हो जायें, तो इसके लिये आज के दिन आपको गायत्री मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। गायत्री मंत्र है।

ॐ भूर्भुव स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

सुख-शांति के लिए उपाय

अगर जीवन में सब कुछ अच्छा बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको यह उपाय करना चाहिए। अगर घर में ही कच्ची जगह है तो बहुत ही अच्छा है। वहां खड़े होकर सूर्यदेव की ओर मुख करके सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद जल नीचे मिट्टी में गिरने से जो मिट्टी गीली हो, उससे अपनी नाभि पर टीका लगाएं।

भूमि-भवन से जुड़ी परेशानी का उपाय

अगर कुछ दिनों से आपको अपने भूमि-भवन को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो भानु सप्तमी के दिन यह उपाय करें। एक लोटा जल लें। उसमें थोड़ी रोली डालें और कुशा डालें। अब उस जल से दोपहर के समय सूर्यदेव को अर्घ्य दीजिये।

तेज और यश के लिए करें ये उपाय

अगर आपको लगता है कि आपके नाम की चमक कुछ फीकी पड़ गई है, तो अपना तेज कायम करने के लिये यह उपाय करें। भानु सप्तमी के दिन शारदातिलक में दिये भगवान सूर्यदेव के दस अक्षरों के मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र है- ऊँ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्याय श्रीं।

भाग्य वृद्धि का उपाय

अगर आपको अपने कामों में अपनी किस्मत का पूर्ण रूप से साथ नहीं मिल पा रहा है तो यह उपाय करें। भानु सप्तमी के दिन दोपहर के समय एक थाली में गंध, पुष्प और प्रसाद के रूप में गुड़ रखें। पहले भगवान को पुष्प अर्पित करें, फिर गंध जलाएं। इसके बाद गुड़ का भोग लगाएं और भगवान से अपने भाग्य का साथ पाने के लिये प्रार्थना करें। फिर बचे हुए गुड़ के प्रसाद को स्वयं खा लें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

khabarmonkey@gmail.com

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