: बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद की एक बार फिर वापसी हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें फिर से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मायावती का आभार जताया और कहा कि वह इस भरोसे को हल्के में नहीं लेंगे।

आदरणीय बहन कु. मायावती जी, सादर चरणस्पर्श।
आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूँ, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूँ।
पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी… https://t.co/MSoanXFShg
— Akash Anand October 5, 2026
मायावती का आभार जताया
ने लिखा कि आदरणीय बहन मायावती जी ने उन्हें माफ किया और फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि इस भरोसे के लिए वह दिल से आभारी हैं और इसे कभी हल्के में नहीं ले सकते।
पार्टी हित सबसे ऊपर रखने की बात
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले कुछ समय ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने लिखा कि बहुजन आंदोलन किसी एक व्यक्ति से बहुत बड़ा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के दिखाए रास्ते पर चलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मायावती के मार्गदर्शन में पार्टी और आंदोलन का हित ही उनके लिए सबसे ऊपर रहेगा। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत हितों को छोड़कर अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत करने का वादा किया।
मायावती ने क्यों दी दोबारा जिम्मेदारी
ने कहा कि काफी सोचविचार के बाद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद पार्टी सुचारू रूप से चलेगी और बारबार संगठन में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, मायावती ने यह भी कहा कि आगे बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि आकाश आनंद किस तरह काम करते हैं।
ये खबर भी पढ़ें:
पहले पद से हटाया, फिर पार्टी से अलग किया
3 सितंबर को मायावती ने को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से पूरी तरह अलग करने का ऐलान किया गया था। उस समय मायावती ने आरोप लगाया था कि आकाश आनंद पार्टी हित से ज्यादा अपने परिवार और व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अब दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से व्यक्तिगत हितों को त्यागने और संगठन के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की बात कही है।