: रूस से तेल और गैस खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत और चीन पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने दोनों देशों को रूस से ऊर्जा खरीदने पर चेतावनी दी है। को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों ( पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। हालांकि, अभी भारत पर 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है। भारत चीन 100% टैरिफ का मुद्दा फिलहाल राष्ट्रपति को मिले संभावित अधिकार से जुड़ा है।

ब्लूमेंथल ने क्या कहा?
बिल पास होने के बाद सीनेटर ब्लूमेंथल ने भारत और चीन को लेकर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपना रवैया सुधारना चाहिए और अपना तेल व गैस किसी दूसरे स्रोत से खरीदना चाहिए। उन्होंने रूसयूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया और यूक्रेन के साथ खड़े रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को धन्यवाद दिया। उनका बयान अमेरिकी दबाव के बढ़ते संकेत के तौर पर सामने आया है।
बिल अब ट्रंप के पास
यह बिल इससे पहले अमेरिकी सीनेट में 8611 वोटों से पास हो चुका है। हाउस से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा गया है। कानून बनने के बाद भी 100% टैरिफ अपने आप लागू नहीं होगा। राष्ट्रपति को तय शर्तों के तहत इस अधिकार का इस्तेमाल करना होगा। बिल में रूस के ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले जहाजों पर कार्रवाई का भी प्रावधान है।
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा पर दिया जोर
अमेरिकी बिल पर भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। ( भारत ने कहा है कि वह बाजार की परिस्थितियों के आधार पर अलगअलग स्रोतों से ऊर्जा की खरीद जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश अपने व्यापार और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। ऐसे में भारत चीन 100% टैरिफ का मुद्दा अमेरिका के साथ भारत के व्यापार और ऊर्जा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।