प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यानी 17 सितंबर से बीजेपी का एक महीने का सेवा संकल्प अभियानशुरू होने जा रहा है, लेकिन इस बार सेवा अभियान के साथ सियासी संदेश भी साफ दिखाई दे रहा है. काशी से पीएम मोदी की जन्मभूमि वडनगर तक सेवा संकल्प बाइक यात्रा निकलेगी, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे. इस कार्यक्रम में बीजेपी के साथसाथ उसके सहयोगी दलों के बड़े चेहरे भी नजर आएंगे.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, मंत्री ओम प्रकाश राजभर, मंत्री संजय निषाद, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल समेत एनडीए के कई बड़े नेता काशी में जुटेंगे. करीब 500 युवा सेवा यात्री, 20 बाइक टोलियां के साथ उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिले होते हुए 7 अक्टूबर को वडनगर पहुंचेंगे. आखिर काशी से वडनगर तक की इस यात्रा के पीछे बीजेपी का संदेश क्या है?
मोदी के जन्मदिन से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और इसी दिन बीजेपी देशभर में एक महीने के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत करने जा रही है. बीजेपी युवा मोर्चा की तरफ से काशी से वडनगर तक बाइक यात्रा निकाली जाएगी. इस यात्रा में अलगअलग राज्यों के करीब 500 युवा शामिल होंगे. यात्रा का मकसद युवाओं को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना बताया गया है, लेकिन इस पूरी कवायद का राजनीतिक संदेश भी बेहद महत्वपूर्ण है.
काशी से वडनगर क्यों?
क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी संगठन लगातार सक्रियता बढ़ा रहा है और काशी में होने वाला ये आयोजन बीजेपी के साथ उसके सहयोगी दलों की एकजुटता भी दिखाएगा. इस यात्रा के लिए काशी से वडनगर को चुनना अपने आप में बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक संदेश है. वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि है… जबकि काशी उनकी कर्मभूमि का प्रतीक है. यानी यात्रा मोदी की जन्मभूमि और कर्मभूमि को जोड़ने वाली होगी.
एक मंच पर पूरा एनडीए
17 सितंबर को काशी में सिर्फ बाइक यात्रा की शुरुआत नहीं होगी. रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बड़ा कार्यक्रम होगा. मंच पर बीजेपी के बड़े चेहरे तो होंगे ही. साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख नेता भी नजर आएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी. इसके अलावा ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जैसे सहयोगी दलों के नेता भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है.
बाइक यात्रा में युवाओं पर सबसे ज्यादा जोर
इस पूरी यात्रा के केंद्र में युवा होंगे. देश के अलगअलग राज्यों से करीब 500 युवा सेवा यात्री इसमें शामिल होंगे. यात्रा के दौरान युवाओं को अलगअलग क्षेत्रों के लोगों से संवाद कराया जाएगा. लाभार्थियों से मुलाकात होगी. सेवा गतिविधियां होंगी. सरकार की योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों से संवाद होगा और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं से भी संपर्क किया जाएगा. इस यात्रा के जरिए सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों और युवाओं को सीधे जोड़ने की कोशिश करेगी.
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक संवाद
यात्रा के दौरान सिर्फ राजनीतिक संवाद नहीं होगा. लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, सहकारी योजनाओं के लाभार्थी, युवा और अलगअलग सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों से मुलाकात की योजना है. इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं को जमीन पर मिले लाभ से जोड़कर पेश करना है. बीजेपी के लिए ये इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनावी राजनीति में लाभार्थी वर्ग लगातार बड़ा राजनीतिक आधार बन चुका है.
यूपी के 50 जिलों से गुजरेगी यात्रा
यात्रा का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा. करीब 50 जिलों से होकर बाइक यात्री गुजरेंगे. इसके लिए 187 ठहराव तय किए गए हैं. यानी यात्रा सिर्फ राजमार्गों से गुजरकर वडनगर पहुंचने वाली यात्रा नहीं होगी… बल्कि रास्ते में अलगअलग इलाकों में रुककर स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा. इस तरह करीब तीन सप्ताह तक चलने वाली यात्रा बीजेपी के लिए जमीनी संपर्क अभियान का भी रूप ले सकती है.
ऐसे होगी शुरुआत
बाइक यात्रा की शुरुआत से पहले सेवा यात्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे. यहां बाबा विश्वनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक होगा. 11 हवन कुंडों पर हवन, बटुकों का मंत्रोच्चार, यात्रियों का तिलक, डमरू दलों का वादन और साधुसंतों का आशीर्वाद यानी यात्रा की शुरुआत को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग भी दिया जाएगा. कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने जिम्मेदारियां भी बांट दी हैं.
जिम्मेदारियां तय
काशी विश्वनाथ धाम के कार्यक्रम का समन्वय शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को दिया गया है. प्रदर्शनी की जिम्मेदारी राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा को दी गई है. वहीं रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के कार्यक्रम का समन्वय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल और महापौर अशोक तिवारी करेंगे. यानी 17 सितंबर को काशी में होने वाले पूरे आयोजन को लेकर संगठन से लेकर सरकार तक की तैयारियां तेज हैं.