उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच लगातार हो रही बयानबाजी से सियासत गरमा गयी है. उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले दोनों नेता अब एक दूसरे के आमनेसामने आ गए हैं. हाल ही में अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच खुलकर जुबानी जंग शुरू हुई थी. अखिलेश ने सोशल मीडिया पर रालोद की सीटें तय करने की बात कही थी.

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ने कहा कि मैं बात खोल दूंगा तो उ्न्हें खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी. जयंत चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव सभा नहीं करेंगे, केवल ट्वीट करेंगे. उन्होंने G फॉर गन्ना की बात कही थी, लेकिन मेरी बातों को उनको बुरा लगा. ऐसे में जिनको उनकी बातों का बुरा लगा है, उन्हें किसानों का वोट नहीं मिलने वाला है. व्यक्ति की अच्छाई देखने की जरूरत है. उसकी जाति देखने की जरूरत नहीं है. अपराधी की जाति नहीं देखी जाती है.
अखिलेशजयंत में बढ़ी तल्खी
उन्होंने कहा कि हम उनके साथ थे, उस समय की सारी बातें यदि वह खोल देंगे तो उन्हें खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी. वह जिस तरह से हल्केपन से बातें करते हैं. वह अच्छी बात नहीं है. चौधरी चरण सिंह का सम्मान कभी भी सीटों से तय नहीं होगा. वह लोगों के दिलों में हैं. उन्होंने साफ कहा कि रालोद को एक भी सीट नहीं मिलेगी, उस समय भी चौधरी चरण सिंह का सम्मान नहीं घटेगा.
जयंत चौधरी ने कहा कि राजनीति में मुद्दे की बात होनी चाहिए. वह चवन्नी या रुपये की बात नहीं होनी चाहिए. विकास की बात होनी चाहिए. कभी सहारनपुर से दिल्ली जाने में छह घंटे लगते थे, लेकिन अब बहुत कम समय लगता है.
जयंत चौधरी ने जेन जी को लेकर कहा कि आज की नई पीढ़ी पहले के लोगों के तर्ज पर नहीं सोचती है, उन्हें उस तरह सोचना भी नहीं चाहिए एवं जाति से बचना चाहिए. जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि वह केवल ट्विटर पर राजनीति करते हैं. उन्होंने कभी सड़क पर उतरकर आंदोलन भी नहीं किया, लेकिन उन्हें विपक्ष की राजनीति करनी है.
अखिलेश और जयंत आमनेसामने
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आरलेडी प्रमुख जयंत चौधरी और अखिलेश यादव एकदूसरे के आमनेसामने हैं. यह सियासी घमाासन अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान के बाद से शुरू हुआ था. उसके बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश में दोनों नेताओं के बीच सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है.
2022 के विधानसभा चुनाव में जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी मिलकर जुड़ा लड़ी थी, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ लिया है और एनडीए के साथ आए गए हैं. जयंत चौधरी फिलहाल केंद्र में मंत्री हैं और अगले साल यूपी में होने वाला चुनाव जयंत चौधरी एनडीए के साथ मिलकर लड़ने वाले हैं. ऐसे में अखिलेश और जयंत के बीच तकरार तेज हो गई है.