पूर्वोत्तर भारत की बात होती है तो कई राज्यों का जिक्र होता है जैसे असम, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत के पहले राज्य का दर्जा किसे मिला. वो नाम है नागालैंड. इसकी कहानी भारत के सबसे लंबे और जटिल राजनीतिक आंदोलनों में से एक है. आजादी के तुरंत बाद नागा पहाड़ी हिस्सों में अलग पहचान और अलग देश की मांग करने लगे.

स्वतंत्र देश घोषित करने की कोशिश… नागा नेशनल काउंसिल ने अंग्जामी जापू फिजो के नेतृत्व में 14 अगस्त 1947 को यानी भारत की आजादी से एक दिन पहले नागालैंड को स्वतंत्र देश घोषित करने की कोशिश की थी. यह मांग आने वाले सालों में थमी नहीं और केंद्र सरकार के लिए यह राजनीतिक और सुरक्षा चुनौती बन गई.
लम्बे संघर्ष के बाद मिली जीत… लंबे विरोध, सशस्त्र संघर्ष और बातचीत के कई दौर के बाद, 1957 में नागा हिल्स को असम से अलग कर सीधे केंद्र के अधीन एक क्षेत्र बनाया गया. इसके बाद 1960 में नागा नेताओं और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच 16सूत्रीय समझौता हुआ, जिसमें नागालैंड को पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर सहमति बनी. इसी आधार पर संसद ने अगस्त 1962 में नागालैंड राज्य अधिनियम पारित किया. इसके तहत नागा हिल्स और त्युएनसांग क्षेत्र को मिलाकर एक नए राज्य की रूपरेखा तैयार की गई. यह तस्वीर असम की है जिससे नागालैंड बना.
16वां राज्य बना… आखिरकार 1 दिसंबर 1963 को यह अधिनियम प्रभाव में आया और नागालैंड भारत का 16वां राज्य बना. पूर्वोत्तर में यह पहला राज्य था जिसे स्वतंत्र भारत में नए सिरे से गठित किया गया. कोहिमा को इसकी राजधानी बनाया गया, और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कोहिमा में जाकर इस नए राज्य का औपचारिक उद्घाटन किया.
नागा जनजातियों का घर… नागालैंड की सीमाएं पश्चिम में असम, उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पूर्व में म्यांमार और दक्षिण में मणिपुर से मिलती हैं. यह राज्य कई अलगअलग नागा जनजातियों का घर है, जिनकी अपनी भाषाएं, रीतिरिवाज और पारंपरिक जीवनशैली है. नागालैंड के बाद पूर्वोत्तर के बाकी हिस्सों को भी धीरेधीरे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला.
पूर्वोत्तर भारत में कब कौन सा राज्य बना… 1972 में मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा राज्य बने. इनमें से मेघालय पहले असम के भीतर एक स्वायत्त राज्य था. इसके बाद 1987 में अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को भी पूर्ण राज्य का दर्जा मिला. इस तरह पूर्वोत्तर के वे सात राज्य अस्तित्व में आए, जिन्हें आज सेवन सिस्टर्स के नाम से जाना जाता है. सिक्किम बाद में 1975 में इस क्षेत्र का आठवां राज्य बनकर जुड़ा.