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CNG कार है तो सिलेंडर का टेस्ट जरूर कराएं! जानिए कब पड़ती है जरूरत और कितना आता है खर्च​

अगर आपकी कार CNG से चलती है, तो सिर्फ इंजन और सर्विस का ध्यान रखना ही काफी नहीं है. कार में लगे CNG सिलेंडर की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. दरअसल, सिलेंडर के अंदर गैस बहुत ज्यादा दबाव में भरी रहती है. ऐसे में लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद इसकी मजबूती जांचना जरूरी […]

अगर आपकी कार CNG से चलती है, तो सिर्फ इंजन और सर्विस का ध्यान रखना ही काफी नहीं है. कार में लगे CNG सिलेंडर की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. दरअसल, सिलेंडर के अंदर गैस बहुत ज्यादा दबाव में भरी रहती है. ऐसे में लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद इसकी मजबूती जांचना जरूरी हो जाता है. इसी के लिए हाइड्रो टेस्ट कराया जाता है.

अगर आपके पास भी CNG कार है और आपको नहीं पता कि सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट कब और क्यों कराया जाता है, तो चलिए आपको इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझाते हैं.

CNG सिलेंडर का टेस्ट क्यों जरूरी है?

सिलेंडर हमेशा गैस के दबाव में रहता है. कई साल तक इस्तेमाल होने के बाद सिलेंडर की हालत पर असर पड़ सकता है. ऐसे में समयसमय पर इसकी जांच कराना जरूरी है.हाइड्रो टेस्ट के दौरान यह देखा जाता है कि सिलेंडर ठीक हालत में है या नहीं. इसमें उसकी मजबूती, संभावित खराबी और किसी तरह की लीकेज जैसी समस्या की जांच की जाती है. इससे समय रहते पता चल सकता है कि सिलेंडर आगे इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित है या नहीं.

हाइड्रो टेस्ट आखिर होता क्या है?

आप सोच रहे होंगे कि इसे क्यों कहा जाता है? दरअसल, इस जांच में पानी और दबाव की मदद से सिलेंडर की क्षमता को परखा जाता है. इसी वजह से इसे हाइड्रोस्टेटिक टेस्ट भी कहा जाता है. टेस्ट के दौरान सिलेंडर को तय प्रक्रिया के मुताबिक जांचा जाता है. अगर वह जांच में सही पाया जाता है, तो टेस्ट से जुड़ी जानकारी दर्ज कर दी जाती है. इससे यह पता रखना आसान होता है कि सिलेंडर की जांच कब हुई थी और अगली जांच कब करानी है.

कितने समय बाद कराना होता है टेस्ट?

CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग एक तय समय के बाद दोबारा करानी होती है. इसकी सही तारीख जानने के लिए सिलेंडर पर लगी टेस्ट प्लेट या मार्किंग को जरूर देखें. कार मालिकों को इस तारीख पर खास ध्यान देना चाहिए. टेस्ट की तारीख निकलने का इंतजार करने के बजाय समय रहते सिलेंडर की जांच करा लेना बेहतर रहता है.

कहां कराया जाता है CNG सिलेंडर का टेस्ट?

ध्यान रखें कि यह काम किसी भी सामान्य गैराज में नहीं कराया जाना चाहिए. CNG सिलेंडर की जांच के लिए अधिकृत टेस्टिंग सेंटर जाना बेहतर है.सेंटर पर जाने से पहले यह जरूर पता कर लें कि वहां CNG सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है और सेंटर के पास इसके लिए जरूरी अनुमति भी है. इससे जांच सही तरीके से होने की संभावना रहती है.

कितना खर्च हो सकता है?

हाइड्रो टेस्ट की कीमत हर जगह एक जैसी नहीं होती. इसका खर्च टेस्टिंग सेंटर, सिलेंडर और वाहन के हिसाब से अलगअलग हो सकता है. आम तौर पर इसके लिए करीब 1,500 से 3,000 रुपये तक खर्च हो सकते हैं. हालांकि, सही कीमत जानने के लिए अपने नजदीकी रजिस्टर्ड टेस्टिंग सेंटर से पहले ही जानकारी लेना बेहतर रहेगा.

टेस्ट की तारीख भूलना पड़ सकता है भारी

CNG सिलेंडर की जांच को सिर्फ कागजी काम समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर टेस्ट कराने से सिलेंडर की मौजूदा स्थिति का पता चलता है और आगे होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है.इसलिए अपनी CNG कार के सिलेंडर पर दर्ज टेस्ट की तारीख जरूर चेक करें. तारीख करीब आने पर रजिस्टर्ड सेंटर से हाइड्रो टेस्ट करा लें. आखिर कार की सुरक्षा के साथ कोई समझौता करना सही नहीं है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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